आधार-पैन की जालसाजी से मोबाइल लोन लेने वाला शातिर ठग गिरफ्तार, बागेश्वर पुलिस ने गिरोह के मुख्य सदस्य को दबोचा
बागेश्वर। जनपद बागेश्वर में आधार और पैन कार्ड की कूटरचना कर मोबाइल फोन का फाइनेंस कराने वाले धोखाधड़ी के गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए उसके एक फरार मुख्य सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर धोखाधड़ी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
कोतवाली बागेश्वर में वादिनी द्वारा दी गई तहरीर में बताया गया था कि अज्ञात व्यक्ति ने उनके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी के माध्यम से मोबाइल फोन का लोन प्राप्त कर लिया है। इस शिकायत के आधार पर कोतवाली बागेश्वर में एफआईआर संख्या 41/24, धारा 420 आईपीसी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें धारा 467, 468, 471 और 34 आईपीसी की भी वृद्धि की गई।
मामले की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक बागेश्वर ने लंबित विवेचनाओं में फरार चल रहे अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के क्रम में कोतवाली पुलिस और तकनीकी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कूटरचना और धोखाधड़ी में संलिप्त गिरोह का पर्दाफाश किया।
पुलिस ने इस प्रकरण में फरार चल रहे रविन्द्र ढाका (40 वर्ष), पुत्र राजेन्द्र कुमार, निवासी बागपत, उत्तर प्रदेश को 27 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि वह इस गिरोह का सक्रिय सदस्य था और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से विभिन्न कंपनियों से मोबाइल फोन का लोन दिलवाने की धोखाधड़ी में शामिल था।
गौरतलब है कि इस मुकदमे में शामिल दो अन्य शातिर अभियुक्त जौनी पुत्र बलवंत सिंह और अंकित पुत्र कृष्णपाल को पुलिस पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह द्वारा इस प्रकार की धोखाधड़ी के अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मनोहर चन्द (कोतवाली बागेश्वर), कांस्टेबल इमरान (साइबर सेल बागेश्वर), कांस्टेबल राजेन्द्र सिंह बगड़वाल तथा महिला कांस्टेबल नन्दी शर्मा शामिल रहे।
