अधोमानक व नकली दवाओं पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, केंद्रीय औषधि भंडार से 10 नमूने जांच को भेजे
बागेश्वर। जनपद में अधोमानक एवं स्पूरियस (नकली) दवाओं की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे के निर्देशों के क्रम में सोमवार को औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर स्थित केंद्रीय औषधि भंडार डिपो, बिलोना बागेश्वर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं की गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता बरतते हुए संदेह के आधार पर 10 विभिन्न औषधियों के नमूने लिए गए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए औषधि विश्लेषणशाला भेज दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान औषधि भंडार में उपलब्ध दवाओं के क्रय बिलों, वाउचर्स और अन्य अभिलेखों का गहन सत्यापन किया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी औषधियां निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं और उनकी आपूर्ति अधिकृत व विश्वसनीय स्रोतों से की गई है। साथ ही औषधि निरीक्षक ने भंडार केंद्र के कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी औषधि की गुणवत्ता या प्रामाणिकता पर संदेह हो तो तत्काल औषधि प्रशासन को सूचित किया जाए, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
औषधि निरीक्षक ने दवाओं के सुरक्षित भंडारण पर भी विशेष जोर देते हुए तापमान नियंत्रण, व्यवस्थित रखरखाव और भंडार केंद्र की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दवाओं की गुणवत्ता प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि केंद्रीय औषधि भंडार से उपलब्ध कराई जाने वाली दवाएं गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए उनकी गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में सरकारी और गैर-सरकारी सभी औषधि वितरण केंद्रों पर लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि अधोमानक और नकली दवाओं की आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से दवा आपूर्ति तंत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश गया है।
