March 11, 2026

यातायात नियमों की अनदेखी पर बागेश्वर पुलिस का सख्त शिकंजा, 45 वाहनों के चालान — 1 वाहन मौके पर सीज


बागेश्वर। जनपद में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से बागेश्वर पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र मेहरा (आईपीएस) के निर्देशन में चलाए गए इस विशेष चेकिंग अभियान के तहत यातायात पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर सघन जांच करते हुए नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने ओवर स्पीडिंग, ओवरलोडिंग तथा लापरवाही और खतरनाक ढंग से वाहन चलाने जैसे गंभीर उल्लंघनों को चिन्हित करते हुए कुल 45 वाहनों का मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के अंतर्गत चालान किया। इसके अतिरिक्त चार वाहनों के विरुद्ध गंभीर अनियमितताओं के चलते चालान सीधे न्यायालय को प्रेषित किए गए, जबकि एक वाहन को मौके पर ही सीज कर दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
चेकिंग अभियान के दौरान विशेष रूप से मॉडिफाइड रेट्रो साइलेंसर, जिन्हें आम बोलचाल में “पटाखा साइलेंसर” कहा जाता है, तथा प्रेशर हॉर्न का उपयोग करने वाले दुपहिया वाहनों को भी चिन्हित किया गया। ऐसे वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए मानक के विपरीत पाए गए साइलेंसरों को जब्त किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के उपकरण न केवल अवैध हैं, बल्कि अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न कर सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं।
इसके साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए कठोर कदम उठाए गए। पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को भेजी गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बागेश्वर पुलिस ने समस्त जनपदवासियों एवं वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें और किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या अवैध मॉडिफिकेशन से बचें। पुलिस ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि या नियमों का उल्लंघन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर दी जाए।