खबर का असर: बाघ के खौफ के बीच रिठाड़ में हरकत में आया वन विभाग, लगाए गए कैमरे
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बागेश्वर, गरुड़। रिठाड़ ग्राम में बाघ के लगातार हमलों की भयावह घटनाओं को लेकर डिजिटल मीडिया “आखिरीआंख” में प्रकाशित समाचार ने प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया। खबर के सामने आते ही वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए।
वनक्षेत्राधिकारी महेंद्र सिंह गुसाईं ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए एक विशेष टीम को रिठाड़ के लिए रवाना किया। वन दारोगा नवीन चन्द्र तिवारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर गहन निरीक्षण किया और उन महिलाओं से संवाद स्थापित किया, जिन पर हाल ही में बाघ ने हमला किया था। टीम ने न केवल घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया, बल्कि ग्रामीणों को आवश्यक सतर्कता एवं बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान कीं।
वन विभाग ने ग्रामीण महिलाओं को स्पष्ट रूप से आगाह किया कि वे अकेले खेतों की ओर न जाएं और समूह में ही कार्य करें, जिससे किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। इसी क्रम में टीम द्वारा गांव में निगरानी के लिए कैमरे भी स्थापित किए गए हैं, ताकि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया कि अगले दिन और भी आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।
इस दौरान ग्राम सरपंच नीमा देवी ने वन विभाग को एक औपचारिक पत्र सौंपते हुए पूरे गांव की ओर से तत्काल बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने एक स्वर में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की और विभाग से स्थायी समाधान की अपेक्षा जताई।
हालांकि, वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई ने ग्रामीणों में भरोसा जगाया है। ग्रामवासियों ने विभाग द्वारा उठाए गए इस तत्पर कदम की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही इस संकट से निजात मिलेगी और गांव में सामान्य जनजीवन बहाल हो सकेगा।
