पुस्तकों से ही संवरता है मनुष्य का जीवन : निशा रानी
बागेश्वर, गरुड़। ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए तहसीलदार निशा रानी ने गरुड़ स्थित सार्वजनिक पुस्तकालय को तीन दर्जन पुस्तकों का योगदान दिया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “पुस्तकें मनुष्य की सच्ची मित्र होती हैं, जो न केवल ज्ञान का भंडार प्रदान करती हैं, बल्कि जीवन को दिशा और परिष्कार भी देती हैं।”
सिविल सोसाइटी के तत्वावधान में विगत एक दशक से संचालित यह सार्वजनिक पुस्तकालय क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का प्रमुख केंद्र बन चुका है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस पुस्तकालय में कंप्यूटर और निःशुल्क वाई-फाई जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, जिससे दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले छात्र भी लाभान्वित हो रहे हैं। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन करने आते हैं और अनेक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं।
तहसीलदार निशा रानी ने सिविल सोसाइटी के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनसहभागिता आधारित उपक्रम समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं। उन्होंने युवाओं से पुस्तकालय की सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया और विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तकालय क्षेत्र की प्रतिभाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
इस अवसर पर उन्होंने साहित्य, कला, संस्कृति, सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित विविध विषयों की तीन दर्जन पुस्तकों का योगदान किया। कार्यक्रम में सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष एडवोकेट डीके जोशी, पुस्तकालयाध्यक्ष चंद्रशेखर बड़सीला, कानूनगो मोहन सिंह भाकुनी, राजस्व उप निरीक्षक रघुवीर सिंह फर्सवाण सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
