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November 7, 2026

कौसानी का संकट: गैस और जल अभाव से कराहता पर्यटन, प्रशासन पर बढ़ा समाधान का दबाव


गरुड़, बागेश्वर । उत्तराखंड के विश्वविख्यात पर्यटन स्थल कौसानी इन दिनों एक गंभीर आपूर्ति संकट की चपेट में है, जिसने न केवल स्थानीय जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि पर्यटन उद्योग की रीढ़ को भी झकझोर कर रख दिया है। प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध यह स्थल आज गैस और जल संकट जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय अस्तित्व के संकट के मुहाने पर खड़े नजर आ रहे हैं।
इसी परिप्रेक्ष्य में कौसानी होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के प्रमुख होटल व्यवसायियों ने वर्तमान हालात पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से त्वरित और ठोस हस्तक्षेप की मांग की। बैठक के उपरांत एसोसिएशन पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी गरुड़ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया कि पिछले लगभग दो महीनों से वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूर्णतः बाधित है, जिससे भोजन निर्माण की प्रक्रिया लगभग ठप पड़ गई है।
साथ ही, जल आपूर्ति की अनियमितता ने समस्या को और अधिक विकराल बना दिया है। होटल व्यवसायियों के अनुसार, पानी की कमी के कारण स्वच्छता व्यवस्था, अतिथि सेवाएं और दैनिक संचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों—गजेन्द्र मेहरा, आर.सी. चौधरी, हरीश खरकवाल और विपिन उप्रेती—ने स्पष्ट किया कि इन परिस्थितियों में कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर पहुंच चुके हैं, जिससे न केवल कारोबार बल्कि स्थानीय रोजगार भी संकट में है।
व्यवसायियों ने यह भी चेताया कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर पर्यटन उद्योग पर पड़ेगा। पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं न मिलने से क्षेत्र की साख प्रभावित हो रही है, जिससे भविष्य में पर्यटकों की संख्या में गिरावट आ सकती है। यह स्थिति दीर्घकालिक आर्थिक नुकसान का संकेत दे रही है, जो स्थानीय समुदाय के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि वाणिज्यिक गैस आपूर्ति को तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल किया जाए, जल आपूर्ति को नियमित किया जाए और जल संचयन के लिए आवश्यक संसाधनों—जैसे जनरेटर और अतिरिक्त मोटर—की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही गैस वितरण को प्रत्येक होटल के पूर्व उपभोग के आधार पर सुव्यवस्थित करने की भी मांग रखी गई है।
इस अवसर पर अनिल बिष्ट, शेखर पांडे, मनोज बिष्ट, गिरीश सती, नीरज खत्री सहित कई अन्य होटल व्यवसायी उपस्थित रहे। अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या समय रहते समाधान होगा, या कौसानी का पर्यटन संकट और गहरायेगा।

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