April 4, 2026

कत्यूर महोत्सव का ऐतिहासिक आगाज़: परंपरा, संस्कृति और जनभावनाओं का अद्भुत उत्सव


गरुड़, बागेश्वर। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकजीवन की जीवंत झलक प्रस्तुत करने वाला चार दिवसीय कत्यूर महोत्सव बैजनाथ भकुनखोला मैदान में अत्यंत भव्यता और गरिमा के साथ प्रारंभ हो गया। उद्घाटन समारोह का दृश्य अत्यंत अलौकिक और उत्साहपूर्ण रहा, जब दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, विधायक पार्वती दास, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, नगर पंचायत अध्यक्ष भावना वर्मा, ब्लॉक प्रमुख किशन सिंह बोरा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ रिबन काटकर और दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। पूरे वातावरण में लोकसंस्कृति, उल्लास और जनसहभागिता का अद्भुत समागम देखने को मिला।
इस शुभ अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश के माध्यम से क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कत्यूर महोत्सव को केवल एक सांस्कृतिक आयोजन न मानकर उत्तराखंड की आत्मा का उत्सव बताया। उन्होंने अपने संदेश में कत्यूर घाटी के गौरवशाली ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि यह महोत्सव स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है, जिससे न केवल सांस्कृतिक संरक्षण होता है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलती है।
दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में कत्यूर घाटी को ऐतिहासिक धरोहर का जीवंत प्रतीक बताते हुए कहा कि यह महोत्सव क्षेत्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक चेतना का परिचायक है। उन्होंने स्थानीय जनता के उत्साह और सहभागिता की सराहना करते हुए सभी से इस आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया। वहीं विधायक पार्वती दास ने इस प्रकार के आयोजनों को सांस्कृतिक संरक्षण का आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि यह हमारी पहचान और विरासत को सहेजने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कत्यूर महोत्सव जैसे आयोजन हमारी ऐतिहासिक धरोहर को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने में सेतु का कार्य करते हैं, जबकि मुख्य विकास अधिकारी असरसी तिवारी ने इसे युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने वाला मंच बताया।
महोत्सव की एक और विशेषता यह है कि यहां विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने हेतु आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं। स्वास्थ्य, वन, आयुर्वेद, कृषि, पशुपालन, दीनदयाल ग्रामीण आजीविका मिशन, उद्यान, समाज कल्याण, सेवायोजन, बाल विकास, डेयरी, सहकारिता, मत्स्य और उद्योग विभागों की सहभागिता इस आयोजन को बहुआयामी स्वरूप प्रदान कर रही है, जिससे आमजन को योजनाओं की जानकारी सीधे प्राप्त हो रही है।
सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह महोत्सव अत्यंत समृद्ध और आकर्षक साबित हो रहा है। स्थानीय कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां, भजन संध्या की आध्यात्मिकता, स्टार नाइट का आधुनिक आकर्षण, वॉलीबॉल प्रतियोगिता का खेल उत्साह, तथा पेंटिंग, ऐपण, सुलेख और मेहंदी प्रतियोगिताओं के माध्यम से रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इसके अतिरिक्त स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया, जिससे पूरा परिसर उत्साह और आनंद से सराबोर हो उठा।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष भावना वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष बागेश्वर सुरेश खेतवाल, उपजिलाधिकारी वैभव कांडपाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, महोत्सव समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही। जनसैलाब की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि कत्यूर महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनभावनाओं, सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक पहचान का जीवंत उत्सव बन चुका है।
कुल मिलाकर, कत्यूर महोत्सव का यह भव्य शुभारंभ न केवल सांस्कृतिक चेतना को पुनर्जीवित कर रहा है, बल्कि यह संदेश भी दे रहा है कि जब परंपरा और आधुनिकता का समन्वय होता है, तब एक ऐसा उत्सव जन्म लेता है, जो समय की सीमाओं को पार कर इतिहास का हिस्सा बन जाता है।