विधायकों ने मंत्री के सामने प्रस्ताव फाड़कर बैठक का किया बहिष्कार
हरिद्वार। जिला योजना की बैठक शुरू होते ही बुधवार को कांग्रेस विधायक रवि बहादुर, ममता राकेश, वीरेंद्र जाती, अनुपमा रावत, फुरकान अहमद और बहुजन समाज पार्टी विधायक मो. शहजाद ने विरोध करते हुए बैठक का बहिष्कार किया। इस दौरान मो. शहजाद और फुरकान अहमद ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के सामने प्रस्तावों की फाइलें फाड़कर फेंक दीं, जबकि अन्य विधायकों ने भी कागजात जमीन पर पटक दिए। इसके बाद सभी विधायक सभागार के बाहर धरने पर बैठ गए और बैठक को ठेकेदारों की बैठक बताते हुए जमकर नारेबाजी की। विधायक रवि बहादुर ने आरोप लगाया कि जिला योजना अधिकारियों और ठेकेदारों पर निर्भर है। विपक्षी विधायकों के प्रस्ताव नहीं लिए जाते हैं जिससे उनके जनहित कार्य नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पूंजीपतियों की सरकार है। पिछले तीन वर्ष से लगातार जिला योजना की बैठक में विपक्ष के विधायकों के प्रताव की अनदेखी हो रही है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से वार्ता के लिए समय मांगा लेकिन समय नहीं दिया जाता है। बसपा विधायक मो. शहजाद ने कहा कि विधायकों द्वारा जो अति आवश्यक प्रस्ताव होते हैं उन्हें हटा दिया जाता है। ठेकेदारों के प्रस्ताव पारित होते हैं। विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि जिला योजना में जो हो रहा है उसे छुपाना चाहते हैं। जनता की आवाज को दबाया जा रहा है। जिला योजना का बंदरबांट किया का रहा है। विधायक ममता राकेश ने कहा कि विधायक भी जनप्रतिनिधि हैं और उनकी ही नहीं सुनी जाती। सरकार जिला योजना के दम पर विकास कार्यों की शाबाशी लेती है जबकि हकीकत में जमीनी स्तर पर सब शून्य है।
