May 27, 2026

कपकोट की वादियों में संदिग्ध हालात में मिला यूक्रेनी नागरिक गिरफ्तार, बिना पासपोर्ट-वीजा घूमने पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई


बागेश्वर। उत्तराखण्ड में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बागेश्वर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए कपकोट क्षेत्र से एक यूक्रेनी नागरिक को बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के गिरफ्तार किया है। सीमांत और संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी एवं सत्यापन अभियान के बीच हुई इस कार्रवाई ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और ग्रामीणों की जागरूकता दोनों को एक साथ रेखांकित किया है।
पुलिस अधीक्षक बागेश्वर जितेन्द्र मेहरा के निर्देशन में जिलेभर में सघन सत्यापन अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में 24 मई 2026 को तहसील कपकोट के दूरस्थ ग्राम डोला से ग्रामीणों द्वारा थाना कपकोट पुलिस को सूचना दी गई कि एक विदेशी नागरिक घायल अवस्था में गांव में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल विदेशी नागरिक को उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकीय स्थिति गंभीर होने के कारण उसे अगले दिन जिला चिकित्सालय बागेश्वर रेफर किया गया। उपचार के उपरांत जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो उसके पास कोई वैध यात्रा दस्तावेज—जैसे पासपोर्ट अथवा वीजा—मौजूद नहीं पाए गए। इसके बाद थाना कपकोट में FIR संख्या 31/2026 के तहत अप्रवास और विदेशियों अधिनियम 2025 की धारा 3/23 में मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार अल्मोड़ा भेजे जाने के आदेश दिए गए।
गिरफ्तार विदेशी नागरिक की पहचान 36 वर्षीय मक्सिम स्टार चिंको निवासी नोवोबावारस्कीय, खार्किव, यूक्रेन के रूप में हुई है। पुलिस अब उसके भारत आने, यहां ठहरने और सीमांत क्षेत्र तक पहुंचने के उद्देश्यों की भी गहन जांच कर रही है।
इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर “ऑपरेशन प्रहार” की बड़ी सफलता माना जा रहा है। विशेष रूप से ग्रामीणों की सतर्कता ने पुलिस को समय रहते सूचना उपलब्ध कराई, जिससे एक संदिग्ध विदेशी नागरिक की पहचान संभव हो सकी।
इस पूरे अभियान को थाना कपकोट की पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसमें उपनिरीक्षक गोल्डी घुघत्याल, हेड कांस्टेबल कुन्दन खन्ना, हेड कांस्टेबल प्रदीप गिरी, कांस्टेबल हरीश सनवाल एवं कांस्टेबल अशोक टम्टा की सक्रिय भूमिका रही।

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