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October 12, 2026

बैजनाथ पुलिस की बड़ी कामयाबी : 48 घंटे के भीतर खुली ट्यूबवेल केबिल चोरी की गुत्थी, बाहरी कबाड़ी समेत 4 गिरफ्तार


गरुड़, बागेश्वर । उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बागेश्वर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए निर्माणाधीन पेयजल ट्यूबवेल से तांबे की केबिल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। कोतवाली बैजनाथ पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए चोरी की वारदात में शामिल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पूरी 60 मीटर चोरी की गई केबिल बरामद कर ली। बरामद केबिल की अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई जा रही है।
घटना उस समय सामने आई जब उत्तराखण्ड जल संस्थान के कनिष्ठ अभियन्ता नीरज बिष्ट ने कोतवाली बैजनाथ में तहरीर देकर बताया कि गरुड़ क्षेत्र के तैलीहाट पेयजल ट्यूबवेल का निर्माण कार्य प्रगति पर था, जहां पेयजल आपूर्ति के लिए लगभग 60 मीटर तांबे की केबिल लगाई गई थी। बीती 24 मई की रात अज्ञात चोर उक्त केबिल चोरी कर ले गए। यह योजना क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, जिसके चलते चोरी की घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली बैजनाथ में मु0एफ0आई0आर संख्या-15/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा ने घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए माल की बरामदगी के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित कर सुरागरसी और पतारसी शुरू की गई।
लगातार की गई जांच और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने 27 मई को घटना का सफल अनावरण करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में टीटबाजार निवासी कुबेर परिहार, नईबस्ती बिमौला निवासी सूरज थापा, ग्राम थान डंगोली निवासी अभिषेक खडका तथा उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी नन्हे शाह शामिल हैं, जो वर्तमान में टीटबाजार क्षेत्र में रहकर कबाड़ का काम करता था। पुलिस के अनुसार चोरी की केबिल को कबाड़ी के माध्यम से खपाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने पूरे नेटवर्क को धर दबोचा।
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की गई पूरी केबिल बरामद कर मुकदमे में धारा 317(2)/3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने की प्रक्रिया जारी है, वहीं उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन प्रहार’ के अंतर्गत बागेश्वर पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए राहत की सांस ली है, क्योंकि पेयजल योजना में आ रही बाधा अब दूर होने की उम्मीद बढ़ गई है।
कार्रवाई को सफल बनाने वाली टीम में उपनिरीक्षक उमेश रजवार, अपर उपनिरीक्षक किशन सिंह, कांस्टेबल नरेन्द्र कुमार तथा कांस्टेबल अरुण राठौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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