कसार देवी में ‘जात्रा: द कसार फेस्टिवल 2026’ का शुभारंभ, लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां
अल्मोड़ा । कसार देवी स्थित डीनापानी मैदान में बुधवार को ‘जात्रा: द कसार फेस्टिवल 2026’ का शुभारंभ पारंपरिक एवं सांस्कृतिक माहौल के बीच हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत फेस्टिवल की कोर टीम द्वारा कसार देवी मंदिर में पूजा-अर्चना और आशीर्वाद ग्रहण करने के साथ हुई। उद्घाटन समारोह में छोलिया नृत्य दल की आकर्षक प्रस्तुति ने आगंतुकों का स्वागत किया। इसके बाद क्षेत्र के वरिष्ठ स्थानीय निवासियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। आयोजकों ने इसे स्थानीय समुदाय और उनकी सांस्कृतिक विरासत को समर्पित आयोजन बताया। फेस्टिवल के पहले दिन सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। झोड़ा-चांचरी जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों में स्थानीय लोगों, प्रतिभागियों और पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की, जिससे पूरे परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। व्याख्यान श्रृंखला के तहत डॉ. पुरोहित ने लोक संस्कृति और लोक कलाओं के संरक्षण पर अपने विचार रखे। वहीं नंदलाल भारती ने कुमाऊं की सांस्कृतिक परंपराओं, लोक जीवन और समृद्ध विरासत पर विस्तृत व्याख्यान दिया। सांयकालीन सत्र में लोक कलाकार दर्शन फरस्वाण और नैननाथ रावल की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोक संगीत और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों से सजी इस संध्या ने फेस्टिवल के पहले दिन को यादगार बना दिया। आयोजकों के अनुसार ‘जात्रा: द कसार फेस्टिवल’ का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्रों की संस्कृति, साहित्य, कला, लोक परंपराओं और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। आगामी दिनों में भी फेस्टिवल के तहत विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक और एडवेंचर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन विभु कृष्णा ने किया।
