July 5, 2026

मुजफ्फरनगर कांड: दोषियों को सजा पर खुशी, पर असंतुष्ट आंदोलनकारी


देहरादून ।  वर्ष 1994 के मुजफ्फरनगर कांड में अदालत द्वारा दोषियों को सजा सुनाए जाने के फैसले पर ‘नेताजी संघर्ष समिति’ ने इसे इंसाफ की जीत बताया है। हालांकि, समिति ने सजा की अवधि को कम बताते हुए नाराजगी जताई है और बचे हुए दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। समिति के उपाध्यक्ष व राज्य आंदोलनकारी प्रभात डंडरियाल और प्रमुख महासचिव आरिफ वारसी ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि लंबे इंतजार के बाद फैसला आया है, लेकिन सजा अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि इस जघन्य कांड में शामिल बाकी बचे दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा मिलनी चाहिए। आंदोलनकारियों ने यह भी मांग की कि इस कांड में शामिल रहे बड़े अधिकारी, जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने के आदेश दिए थे या जो इसमें पर्दे के पीछे से शामिल थे, उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समिति ने कहा कि जब तक सभी दोषी सलाखों के पीछे नहीं होंगे, तब तक राज्य आंदोलनकारियों को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा।