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November 4, 2026

तिब्बत में चीनी मानवाधिकार उल्लंघनों के विरोध में सड़कों पर उतरा तिब्बती समाज


विकासनगर ।  तिब्बत में चीन की गलत नीतियों के विरोध में गुरुवार को तिब्बती समुदाय ने विकासनगर में जोरदार प्रदर्शन किया। रीजनल तिब्बती यूथ कांग्रेस के बैनर तले तिब्बती समाज के लोगों ने हरबर्टपुर से विकासनगर तक रैली निकालकर मानवाधिकार उल्लंघनों और कथित उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस दौरान सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन, धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चोएक्योंग वांगचुक ने चीन के तथाकथित एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस लॉ का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि इस कानून के माध्यम से तिब्बती भाषा, संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तिब्बती समाज इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
रीजनल तिब्बती यूथ कांग्रेस, हरबर्टपुर के अध्यक्ष तेनजिन योन्टेन ने कहा कि तिब्बती युवा कांग्रेस भूख हड़ताल, कैंडल मार्च, जन-जागरूकता अभियान, रैलियों और शांतिपूर्ण विरोध कार्यक्रमों के माध्यम से तिब्बत के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाती रही है। उन्होंने बताया कि तिब्बती युवा कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और चीन सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें तिब्बत में मानवाधिकार हनन पर रोक लगाने, आत्मदाह जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार नीतियों को समाप्त करने, तिब्बत के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करने, विवादित कानून को वापस लेने तथा तिब्बती राजनीतिक बंदियों की बिना शर्त रिहाई की मांग शामिल है। उन्होंने कहा कि शहीद लोब्सांग रांगजेन का बलिदान उनके संघर्ष का अंत नहीं, बल्कि तिब्बत की आजादी और न्याय की लड़ाई का प्रतीक है। अंत में संगठन ने जय भारत, जय तिब्बत के नारों के साथ रैली का समापन किया। रैली में सेटलमेंट अधिकारी डोल्मा त्सेरिंग, तिब्बती स्थानीय सभा के उपाध्यक्ष सोमन, तिब्बती आईटीआई, देहरादून के निदेशक छोसांग सहित बड़ी संख्या में तिब्बती समाज के लोग और स्कूली बच्चे शामिल रहे।

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