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November 4, 2026

पूर्व सैनिक ने कलेक्ट्रेट में किया अनिश्चितकालीन धरना


बागेश्वर ।   अपनी भूमि पर कथित कब्जे के प्रयास और कार्रवाई न होने से नाराज एक पूर्व सैनिक ने सोमवार से कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने पर उनके साथ भतीजे संजय भी बैठे हैं। संघर्ष वाहिनी ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। मजगांव निवासी पूर्व सैनिक महिपाल सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने 9 जुलाई को उपजिलाधिकारी, कांडा को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि कुछ लोग उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से भूमि की सुरक्षा और सीमांकन की मांग की। इसके लिए 11 जुलाई को भूमि की पैमाइश के लिए दो हजार रुपये का ऑनलाइन चालान भी जमा कराया।रावत का आरोप है कि इसके बाद तहसील की टीम मौके पर पहुंची और संबंधित भूमि को राज्य सरकार की भूमि बताते हुए कथित कब्जाधारियों को मौखिक रूप से काम रोकने के निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और बाद में 22 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय में भी की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।उनका कहना है कि 11 दिन बाद फिर तहसील प्रशासन गांव पहुंचा और भूमि को सरकारी बताते हुए लौट गया। पूर्व सैनिक का दावा है कि गांव में करीब 150 नाली भूमि उनके और उनके दो भाइयों के नाम दर्ज है तथा जिस भूमि पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, उसकी देखरेख उनका परिवार पिछले 60 वर्षों से करता आ रहा है। उन्होंने न्याय मिलने तक धरना जारी रखने की घोषणा की। धरने को समर्थन देने के लिए संघर्ष वाहिनी के अध्यक्ष कवि जोशी, अंकुर उपाध्याय, नवीन जोशी और वीरेंद्र नेगी भी कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

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