मोहान वन क्षेत्र में पकड़ा गया बाघ, महिला की मौत के बाद चला था लगातार रेस्क्यू अभियान
अल्मोड़ा । सल्ट ब्लॉक के डबरा सौराल क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मोहान वन क्षेत्र से एक वयस्क बाघ का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। महिला की मौत के बाद इलाके में फैले भय और तनाव के बीच बाघ के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के अनुसार, रविवार को डबरा सौराल के घोड़ीधार क्षेत्र में हुई मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना में एक महिला की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में व्यापक रेस्क्यू और निगरानी अभियान शुरू किया गया था। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे, ड्रोन कैमरे और विशेष गश्ती दल तैनात किए गए। टीमों ने लगातार पगमार्क और अन्य वन्यजीव गतिविधियों की निगरानी करते हुए अभियान जारी रखा। इस बीच बुधवार देर रात करीब 11 बजे वन विभाग की संयुक्त टीम ने पिंजरे और जाल की सहायता से एक वयस्क बाघ को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद बाघ को चिकित्सीय एवं स्वास्थ्य परीक्षण के लिए रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। उप संभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए मोहान रेंज के साथ रानीखेत, अल्मोड़ा, जौरासी, भूमि संरक्षण रामनगर तथा कालागढ़ टाइगर रिजर्व की मंदाल रेंज के वन कर्मियों को भी शामिल किया गया था। विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम में नैनीताल वन प्रभाग के डॉ. हिमांशु पांगती और पश्चिमी वृत्त के डॉ. राहुल सती ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वन विभाग ने अभियान के दौरान क्षेत्र में लगातार गश्त करने के साथ ग्रामीणों को वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने के प्रति जागरूक किया। विभिन्न स्थानों पर पोस्टर, प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। वन विभाग का कहना है कि इस सफल रेस्क्यू अभियान से क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावित स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए इलाके में निगरानी और सतर्कता आगे भी लगातार जारी रहेगी।
