उत्तराखंड में स्वास्थ्य का डंका : एसटीएच में कान के ऑपरेशन हेतु एक साल तो टॉन्सिल व थायराइड के लिए 4 से 6 महीने की वेटिंग
… एक हजार से अधिक मरीज ऑपरेशन की वेटिंग लिस्ट में
हल्द्वानी । डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में यदि किसी मरीज को कान का ऑपरेशन कराना है, तो उसे एक साल बाद की तारीख मिल रही है। वर्तमान में 1,000 से अधिक मरीज ऑपरेशन की प्रतीक्षा सूची में हैं। वहीं, टॉन्सिल और थायराइड के ऑपरेशन के लिए भी मरीजों को चार से छह महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है। कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में नाक, कान और गला (ईएनटी) रोगों से पीड़ित मरीजों की ओपीडी में रोजाना उमड़ रही भीड़ के कारण सर्जरी की वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है।
200 की ओपीडी, औसतन आठ ऑपरेशन रोज: एसटीएच के ईएनटी विभाग में पूरे कुमाऊं से मरीज पहुंचते हैं। प्रतिदिन औसतन 200 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। इस भारी दबाव के बीच डॉक्टर रोजाना औसतन 8 ऑपरेशन कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि आपातकालीन (इमरजेंसी) स्थिति में आने वाले गंभीर मरीजों को इंतजार नहीं करना पड़ता। उनका इलाज और ऑपरेशन तुरंत किया जाता है।
पर्याप्त डॉक्टर मौजूद: ईएनटी विभाग में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के मानकों के अनुसार 12 पीजी, दो सीनियर रेजिडेंट, तीन असिस्टेंट प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और एक प्रोफेसर तैनात हैं। डॉक्टरों की पर्याप्त टीम होने के बावजूद बुनियादी ढांचे की कमी आड़े आ रही है। यदि अस्पताल प्रशासन विभाग को एक अतिरिक्त ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और आवश्यक आधुनिक संसाधन उपलब्ध मिलें, तो मौजूदा वेटिंग पीरियड को आधा किया जा सकता है।
निजी अस्पतालों में 50 हजार का ऑपरेशन, एसटीएच में नि:शुल्क: विशेषज्ञों के अनुसार, नाक, कान और गले का कोई भी ऑपरेशन निजी अस्पताल में कम से कम ₹50 हजार में होता है, जबकि एसटीएच में आयुष्मान कार्ड के तहत यह नि:शुल्क किया जाता है।
गंभीर मरीजों का ऑपरेशन इमरजेंसी में किया जाता है। गैर-आपातकालीन स्थिति वाले मरीजों को आगे की तारीख दी जाती है। वर्तमान में कान के ऑपरेशन के लिए करीब एक साल और टॉन्सिल व थायराइड के लिए 4 से 6 महीने की वेटिंग है। विभाग के पास पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टर हैं; यदि एक और ओटी और जरूरी संसाधन मिल जाएं, तो वेटिंग लिस्ट आधी की जा सकती है। – डॉ. शहजाद, एचओडी, ईएनटी विभाग
