राजस्व संवर्द्धन के साथ लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण पर डीएम सख्त
प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने, पुराने राजस्व वादों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश; सीएससी केंद्रों से श्रमिकों को मिलेंगी विभागीय सेवाएं
बागेश्वर। राजस्व प्राप्ति में बढ़ोतरी के साथ ही विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व प्राप्ति एवं संवर्द्धन, दैवीय आपदा, विस्थापन, राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों तथा विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और आमजन से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए।
बैठक में परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने को कहा। उन्होंने प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने तथा नियमित रूप से चेकिंग अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में वैज्ञानिक अन्वेषण की रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने पर भी उन्होंने जोर दिया, ताकि संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से की जा सके।
पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राशन कार्डों के सत्यापन कार्य में तेजी लाने को कहा, ताकि पात्र लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और अपात्र लाभार्थियों का सत्यापन किया जा सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग को नियमित रूप से खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बाजारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही एसडीएम को विभागीय अधिकारियों के साथ नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि मिलावटखोरी अथवा मानकों के विपरीत खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर मिलें विभागीय लाभ
श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए अधिक प्रभावी तरीके से शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाए और उन्हें मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि श्रमिकों को श्रम कार्ड बनवाने अथवा अन्य विभागीय कार्यों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए उन्होंने अपर जिलाधिकारी को शीघ्र पत्राचार कर सीएससी केंद्रों पर श्रम विभाग की लॉगिन आईडी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इससे श्रमिकों से संबंधित कार्य स्थानीय स्तर पर ही कराए जा सकेंगे और उन्हें समय व धन दोनों की बचत होगी।
उन्होंने मनरेगा श्रमिकों के पंजीकरण में भी तेजी लाने तथा पंजीकृत श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
अवैध शराब और ओवररेटिंग पर लगातार कार्रवाई के निर्देश
आबकारी विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग सहित अन्य अनियमितताओं की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भूमि चयन जल्द करने के निर्देश
नगर निकायों के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट की स्थापना के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि ठोस कचरे के बेहतर प्रबंधन की दिशा में प्रभावी व्यवस्था विकसित की जा सके।
पुराने राजस्व वादों के निस्तारण को प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने तहसीलों में आमजन को जारी किए जाने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रमाण पत्र निर्धारित समयावधि के भीतर जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्रों के लिए आने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबे समय से लंबित पुराने वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उनकी प्रगति सुनिश्चित की जाए, जिससे पुराने मामलों का बोझ कम हो और लोगों को समय पर न्याय मिल सके।
आपदा और विस्थापन के मामलों में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश
दैवीय आपदा एवं विस्थापन से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित लोगों की समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लिया जाए और आवश्यक कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो। विस्थापन से जुड़े मामलों में भी नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर उन्होंने जोर दिया।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि राजस्व संवर्द्धन, जनसेवाओं की गुणवत्ता और लंबित मामलों का निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, एसडीएम अनिल चन्याल, प्रियंका रानी, वैभव कांडपाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
