स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार, उत्पादकों को मिलेगा उचित मूल्य
सीडीओ ने उत्पादों की सोर्सिंग से लेकर ब्रांडिंग और विपणन तक समेकित व्यवस्था विकसित करने के दिए निर्देश
स्थानीय उत्पादों का बनेगा अद्यतन डाटाबेस, क्लस्टर आधारित मार्केटिंग पर जोर
बागेश्वर। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी तथा ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के तहत तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को अब बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। उत्पादकों को उनके उत्पाद का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाने के साथ ही स्थानीय उत्पादों को जनपद से बाहर के बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी विपणन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में गुरुवार को नवीन सभागार, विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थानीय उत्पादों के उत्पादन से लेकर उनकी बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की गई तथा बाजार की संभावनाओं, मौजूदा चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई।
उत्पादों की पूरी जानकारी एक ही डाटाबेस में होगी उपलब्ध
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में उत्पादित एवं विपणन योग्य सभी स्थानीय उत्पादों का समेकित एवं अद्यतन डाटाबेस तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि डाटाबेस में केवल उत्पाद का नाम दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक उत्पाद के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए।
इसमें उत्पाद का नाम, उत्पादक समूह, उत्पादन क्षमता एवं मात्रा, उपलब्धता की अवधि, गुणवत्ता, पैकेजिंग की स्थिति, वर्तमान विपणन माध्यम तथा संभावित बाजार जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे प्रशासन को यह समझने में मदद मिलेगी कि किस क्षेत्र में कौन-सा उत्पाद कितनी मात्रा में उपलब्ध है और उसे किस बाजार में बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सकता है।
सिर्फ उत्पादन नहीं, गुणवत्ता और ब्रांडिंग भी जरूरी
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उत्पाद की गुणवत्ता, ग्रेडिंग, आकर्षक पैकेजिंग, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर समान रूप से ध्यान देना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को अलग-अलग संचालित करने के बजाय उन्हें एकीकृत किया जाए। इसके लिए क्लस्टर आधारित और समन्वित विपणन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि उत्पादों को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया जाए और उनकी गुणवत्ता एवं पैकेजिंग को बेहतर बनाया जाए तो स्थानीय उत्पादों के लिए जनपद के बाहर भी बड़े बाजार विकसित किए जा सकते हैं।
REAP से जुड़े महिला समूहों के उत्पादों को मिलेगा बाजार
बैठक में ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों एवं सामुदायिक संगठनों द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों की बाजार संभावनाओं पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने इन उत्पादों की वर्तमान स्थिति, उपलब्धता और विपणन माध्यमों के संबंध में जानकारी साझा की।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे उत्पादों के लिए नए एवं संभावित बाजारों की पहचान की जाए। साथ ही उत्पादकों को बिचौलियों पर निर्भरता कम करते हुए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें उनके उत्पाद का अधिकतम संभव मूल्य दिलाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस दिशा में तैयार की जाने वाली कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसके लिए स्पष्ट लक्ष्य, जिम्मेदारी और समयसीमा तय की जाए।
ग्रामीण रोजगार और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि बागेश्वर जैसे पर्वतीय जनपद में स्थानीय कृषि उत्पाद, प्राकृतिक संसाधन और ग्रामीण उद्यम आजीविका के महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं। यदि इन उत्पादों को सही बाजार, उचित मूल्य और मजबूत विपणन नेटवर्क उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों की मांग बढ़ने से उत्पादकों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और महिला स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों की आय में भी वृद्धि हो सकती है। इसके लिए बाजार की मांग का अध्ययन करते हुए उसी के अनुरूप उत्पादों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
सोर्सिंग से बिक्री तक पूरी श्रृंखला मजबूत करने पर जोर
बैठक में संबंधित विभागों ने स्थानीय उत्पादों की सोर्सिंग, संग्रहण, ग्रेडिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। इस दौरान यह भी विचार-विमर्श किया गया कि स्थानीय उत्पादों को जनपद के स्थानीय बाजारों के अलावा राज्य एवं बाहरी बाजारों से किस प्रकार जोड़ा जा सकता है।
अधिकारियों ने बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादों में आवश्यक सुधार, बेहतर पैकेजिंग तथा प्रभावी प्रचार-प्रसार की संभावनाओं पर भी विचार किया। प्रशासन का उद्देश्य उत्पादों की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत कर उत्पादक से उपभोक्ता तक बेहतर और अधिक प्रभावी बाजार तंत्र तैयार करना है।
बैठक में जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, परियोजना प्रबंधक मोहम्मद आरिफ, सहायक प्रबंधक बबीता जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
