हरिद्वार में मजदूर नेताओं पर गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर कार्रवाई का विरोध
रुद्रपुर । श्रमिक संयुक्त मोर्चा ऊधमसिंह नगर के बैनर तले सिडकुल पंतनगर की यूनियनों, मजदूर संगठनों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहर के रोडवेज चौराहे पर सभाकर हरिद्वार जिला प्रशासन और धामी सरकार का पुतला दहन किया। मोर्चा ने हरिद्वार जिला प्रशासन की ओर से इंकलाबी मजदूर केन्द्र के केंद्रीय उपाध्यक्ष पंकज बवाड़ी और जयप्रकाश और पीपल्स लेबर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित कुमार को गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर करने का विरोध किया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि इंकलाबी मजदूर केन्द्र हरिद्वार सिडकुल बनने के समय से ही मजदूरों को संगठित करने का काम कर रहा है।मार्च-अप्रैल में देशभर में ठेका मजदूरों के आंदोलन के दौरान हरिद्वार सिडकुल में भी हड़ताल हुई थी, जिसमें संगठन ने मजदूरों का नेतृत्व कर श्रम विभाग में समझौता कराया था। इसी से पूंजीपति और जिला प्रशासन रंजिश रखने लगा। साथ ही संगठन द्वारा 4 श्रम संहिताओं, जनविरोधी एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए अभियान चलाने से सरकार की किरकिरी हो रही थी। वक्ताओं ने कहा कि मजदूर नेताओं पर जिला बदर की कार्रवाई मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को दबाने का प्रयास है। एक ओर अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विवाद के बीच एक व्यक्ति को राज्यपाल बनाया जाता है, वहीं मजदूरों के हक की आवाज उठाने वालों पर गुंडा एक्ट लगाया जा रहा है। साथ ही एरा (एपेक्स) बिल्डिसिस के 40 मजदूरों पर 16 सितंबर से शांतिपूर्ण धरने पर शांतिभंग का मुकदमा दर्ज करने की निंदा की। चेतावनी दी गई कि यदि जिला बदर और नोटिस वापस नहीं हुए तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान धीरज जोशी, कैलाश भट्ट, दिनेश भट्ट, मुकुल, सुरेंद्र सिंह, शिवदेव सिंह, भूपेंद्र सोनी, फिरोज खान, हृदयेश कुमार, भरत जोशी आदि मौजूद रहे।
