March 6, 2026

राष्ट्र रक्षा सम्मेलन में संत समाज ने एक स्वर में राष्ट्रहित को बताया राष्ट्रधर्म

हरिद्वार, ( आखरीआंख )   विश्व शांति सभागार में भानू पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी दिव्यानन्द तीर्थ महाराज की अध्यक्षता एवं म.मं. स्वामी अखिलेश्वरानन्द के संचालन में श्री भारत माता आराधना महायज्ञ के मध्य राष्ट्र रक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें योगगुरू बाबा रामदेव ने कहा कि क्रांति के बाद ही शांति आती है।  स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज ने देश में नयी दृष्टि और सृष्टि का सृजन किया है। राष्ट्र धर्म को श्रेष्ठ मानने वाला कोई संत ही हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश को राष्ट्रभक्त लोगों की आवश्यकता है चाहे वह किसी भी मजहब का हो। इस्लामिक धर्मगुरू कोकब मुस्तफा ने कहा कि दुनिया के 200 मुल्कों में से सबसे अच्छा हमारा भारत देश है। हमारा मुल्क शांति का दूत है। आतंकवादी का कोई ईमान नहीं होता है। इस्लाम शांति और अमन का पैगाम देता है। भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज ने अमर शहीदों को नमन करते हुए भारत माता से अपने सैनिकों को बल देने की प्रार्थना की। आचार्य म.मं. स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज ने कहा कि वीर सैनिकों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता। उनके शौर्य से ही भारत माता की रक्षा होती है। इस कारण यह राष्ट्र रक्षा
सम्मेलन अपने वीर सैनिकों को समर्पित है। स्वामी चिदानन्द मुनि ने कहा कि इष्टदेव भक्ति अपनी-अपनी पद्धति से करे लेकिन राष्ट्रभक्ति सबको दिल से करनी चाहिए। एक सैनिक किसी संत से कम नहीं है। वह सीमा पर ईश्वरीय कार्य कर रहा है। युगपुरूष स्वामी परमानन्द महाराज ने कहा कि सबके प्रति जो प्रेम रखे वही परमात्मा को प्रिय होते हैं। हमारे वीर सैनिक पूरे देश को सुरक्षित रखने के लिए अपनी जान की बाजी लगा देते हैं। वे ही भारत माता के सच्चे सपूत हैं। इस अवसर पर म.मं. स्वामी अर्जुन पुरी, म.मं. स्वामी हरिचेतनानन्द, म.मं. स्वामी श्यामसुन्दर दास शास्त्री, म.मं. स्वामी विवेकानन्द, म.मं. स्वामी कैलाशानन्द ब्रह्मचारी, स्वामी अध्यात्मनन्द, महंत कमल दास, भक्त दुर्गादास, स्वामी मनीषानन्द, श्रीमहंत ललितानन्द सहित अध्यात्म जगत की महान विभूतियां उपस्थित रही। संतजनों का सम्मान भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के मुख्य न्यासी आई.डी. शर्मा शास्त्री, श्रीमहंत ललितानन्द, सुरेश केडिया, संतोष अग्रवाल, शरद पुरोहित सहित ट्रस्टियों ने किया।