March 7, 2026

राज्य के राजनैतिक आसमान पर छाया खामोशी का कुहासा

देहरादून  ( आखरीआंख )   उत्तराखण्ड में लोकसभा चुनाव की पांचो सीटों पर कौन बाजी मारेगा यह कह पाना एक बडी टेडी खीर बन चुका है और राज्य का मतदाता अपना वोट कहां डालेगा इसको लेकर वह खामोश जरूर है लेकिन उसने यह तय जरूर कर लिया है कि उसे अपना वोट किस राजनीतिक दल को देना है? यही कारण है कि उत्तराखण्ड में लोकसभा की पांचो सीटों पर चौकाने वाले परिणाम सामने आ सकते हैं जिसको लेकर राज्य के अन्दर एक बडी बहस छिडी हुई है?
उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव से पूर्व देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी जनसभाओं में दावा किया था कि अगर राज्य की जनता ने भाजपा को पूर्ण बहुमत दिया तो डबल इंजन की सरकार राज्य का तेजी के साथ विकास करेगी और भ्रष्टाचार पर नकेल लगाई जायेगी। इतना ही नहीं यह भी दावा किया गया था कि वह उत्तराखण्ड पर खुद अपनी नजर रखेंगे लेकिन दो सालों में राज्य के अन्दर विकास की गंगा बही हो और भ्रष्टाचार पर डबल इंजन का चाबुक चला हो ऐसा राज्य में सम्भवत: देखने को नहीं मिला है?  उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड की पांचो लोकसभा सीटों पर रोचक चुनाव होने के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा-कांग्रेेस,सपा व बसपा गठबंधन के अलावा उक्रांद ने भी लोकसभा चुनाव में अपनी ताल ठोकी है। लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर भाजपा व कांग्रेस ने बडा मंथन किया और भाजपा ने पौडी लोकसभा सीट से जहां संगठन से जुडे तीरथ सिंह रावत को चुनावी रणभूमि में उतारा है तो वहीं नैनीताल सीट से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा संगठन ने टिहरी, हरिद्वार व अल्मोडा सीट पर अपने पुराने विजयी प्रत्याशियों को ही चुनाव मैदान में उतार कर उन पर अपना भरोसा दिखाया है। वहीं कांग्रेस ने बडी रणनीति के तहत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को टिहरी से चुनाव लडने के लिए उतारा है तो वहीं हरिद्वार में एक बडी रणनीति के तहत अमरीश कुमार को निशंक के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा है। इतना ही नहीं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को कांग्रेस हाईकमान ने जहां नैनीताल सीट से चुनावी रणभूमि में उतारा है तो वहीं राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा को अल्मोडा से चुनाव लडाने के लिए हरी झण्डी दी है। कांग्रेस हाईकमान ने जिस तरह से अपने उम्मीदवारों के नाम फाइनल किये उस पर पार्टी के अन्दर कोई भी विरोध देखने को नहीं मिला और कांग्रेस हाईकमान राहुल गांधी ने पौडी विधानसभा सीट पर रिटार्यड मेजर जनरल खण्डूरी के पुत्र आशीष खण्डूरी पर भरोसा करते हुए उन्हें प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेेस ने जिस तरह से बडे मंथन के बाद अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है उससे कहीं न कहीं भाजपा खेमे में भी एक बडी बेचैनी देखने को मिल रही है? हरिद्वार सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को कमजोर प्रत्याशी बताने का जो सोशल मीडिया पर खेल खेला जा रहा है वह लोकसभा चुनाव में क्या गुल खिलायेगा यह तो 23 मई को साफ हो जायेगा। हालांकि अमरीश कुमार का हरिद्वार क्षेत्र में जिस तरह से बडा वजूद माना जाता है और वहां चुनाव की जंग बाहरी बनाम मैदान की होती हुई दिखाई दे रही है उससे भाजपा प्रत्याशी के सामने एक बडा संकट आकर खडा हो सकता है? भाजपा प्रत्याशी व हरिद्वार के सांसद रहे रमेश पोखरियाल निशंक ने जिन गांव को गोद लिया था वह भी किन हालातों में हैं यह किसी से छिपा नहीं है? कांग्रेस ने हरिद्वार सीट को बाहरी बनाम मैदानी बनाकर इस लोकसभा सीट पर होने वाले चुनाव को बडा दिलचस्प बना दिया है? कुलमिलाकर कहा जाये तो उत्तराखण्ड में होने वाली पांचो लोकसभा सीटों पर चौकाने वाले परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं जैसी हवा इन दिनों राज्य के गलियारों में बह रही है?