देश दुनिया में धर्म की पताका फहराने में संत समाज का अहम योगदानः स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी
हरिद्वार, ( आखरीआंख ) सनातन हिंदू धर्म की पताका को देश दुनिया में फहराने में संत समाज का अहम योगदान है। संत समाज के प्रयासों के चलते पूरे विश्व में सनातन
हिंदू धर्म व भारतीय संस्कृति के अनुयायी बढ़ रहे हैं। उक्त उद्गार श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर म.म.स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने मंदिर परिसर में धर्म ध्वजा स्थापित करने के दौरान श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि श्री दक्षिण काली मंदिर अति प्राचीन धर्मस्थल है। मां दक्षिण काली मंदिर पर भारत सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु भक्त अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की मनोकामना मां दक्षिण काली की कृपा से अवश्य पूरी होती है।
भक्त की सूक्ष्म आराधना से ही मां काली प्रसन्न हो जाती है। सच्चे मन से की गयी आराधना अवश्य ही फलदायी सिद्ध होती है। स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी
ने कहा कि धर्म ध्वजा सनातन परंपराओं का दर्शन कराती है। धर्म की पताका को फहराने में संत समाज अपनी अग्रणी भूमिका निभाता चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि मां गंगा के तट पर किए गए धार्मिक अनुष्ठान भक्तों के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। मां काली के द्वार पर जो भी भक्त पहुंचता है। अवश्य ही उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। धर्म ध्वजा स्थापना के दौरान उन्होंने भक्तों से गंगा की स्वच्छता, निर्मलता व अविरलता को लेकर सभी को संकल्पबद्ध होकर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों मां गंगा के तट पर आचमन करने के लिए पहुंचते हैं। मां गंगा की अविरलता के लिए हम सभी को मिलजुल कर प्रयास करने चाहिए। आदि अनादि काल मां गंगा हिंदू धर्म में पूज्यनीय मानी जाती है। उन्होंने कहा कि गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सरकार को भी आगे आना चाहिए। जो कार्य योजनाएं सरकार द्वारा गंगा प्रदूषण मुक्ति के लिए चलायी जा रही हैं। उन योजनाओं को प्रमुखता से लागू किया जाए। 2021 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ के शुरू होने से पूर्व गंगा को निर्मल बनाने के लिए चलायी जा रही योजनाओं को पूर्ण किया तथा महाकुंभ को भव्य रूप से संपन्न कराया जाए। इस अवसर पर श्रीमहंत साधनानंद, स्वामी सत्यव्रतानंद, स्वामी जगदीशानंद, संत जगजीत सिंह, स्वामी कपिल मुनि, अंकुश शुक्ला, शिखर पालीवाल, आचार्य पवनदत्त मिश्र, अनुराग वाजपेयी, अनुज दुबे, पंडित शिवकुमार, पंडित प्रमोद पाण्डे, बाल मुकुंदानंद ब्रह्मचारी, जादूगर पांचाल आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
