March 5, 2026

नैनीताल डीएम ने नैनी झील की सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की बैठक ली

नैनीताल, ( आखरीआंख )  जिलाधिकारी सविन बंसल ने नैनी झील की सफाई व्यवस्था के सम्बन्ध में एक महत्वपूर्ण बैठक शिविर कार्यालय नैनीताल में ली। श्री बंसल ने बताया कि लेक लेवल की आॅटो मोनीटरिंग तथा कन्ट्रोल हेतु आॅटोमैटेड स्काडा डैवलप किया जाएगा जिसके बजट के लिए शासन से वार्ता कर ली गई है। उन्होंने आॅटोमेटैड स्काडा डैवलप करने का प्रस्ताव शीघ्र शासन में उपलब्ध कराने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियो को दिए। उन्होंने बताया कि झील में गिरने वाले संवेदनशील 6 नालों में वाईफाई एनेबल्ड आॅल वेदर हाई रिजुलेशन कैमरे स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। उन्होंने बतया कि एलडीए को इनीशियल फैज में 4 ड्रोन उपलब्ध कराये जा रहे हैं जिनके माध्यम से शहर में होने वाले अवैध निर्माण, अनियोजित विकास एवं नालों में मलवा डालने वालों पर नजर रखते हुए इस प्रकार की गतिविधियों पर अंकुश लगे। उन्होंने अधिशासी अधिकारी को आवारा कुत्तों के बधियाकरण हेतु कार्य योजना तैयार कर तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि इस त्रैमास से बधियाकरण हेतु कैम्पों का आयोजन किया जाएगा। श्री बंसल ने शहर के सभी नालों का मैप पुनः तैयार करने तथा मैप में नाले की लम्बाई, नाले के प्रारम्भ तथा मुहाने के पास स्थित प्रमुख जगह का उल्लेख करने तथा नाले के कोर्डिनेट्स भी अंकित कर नक्शे की लेमीनशन करते हुए भविष्य के लिए रिकोर्ड में संरक्षित रखने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने झील के कैचमेंट एरिया सहित विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी ली।
श्री बंसल अधिशासी अधिकारी तथा अधिशासी अभियंता सिचंाई को निर्देशित करते हुए कहा कि झील की प्राकृतिक सुन्दरता बनाए रखने के लिए झील की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने राजस्व, सिचांई तथा नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अनुपयोगी निर्माण सामग्री तथा अन्य वस्तुओं को नालों के माध्यम से झील में बहा दिया जाता है, ऐसा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ चैकिंग अभियान चलाया जाए और नालों की निगरानी की जाए तथा शहर में होने वाले निर्माण कार्यों की भी विशेष निगरानी की जाए। उन्होंने नालों में मलवा एवं अन्य वस्तुए डालते हुए पकड़े जाने पर सम्बन्धित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर नालों की सफाई करने, अधिशासी अधिकारी को बरसात के मौसम में झील में आने वाले कूड़े की निरन्तर साफ-सफाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिशासी अभियंता सिंचाई एचएस भारती ने बताया कि पूर्व में जनपद में 62 नाले थें, वर्तमान समय में शहर में 59 नाले है तथा 3 नाले विलुप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 44 नालों का पानी नैनी झील में, 7 नालों का सूखाताल झील में, 6 नालों का शिप्रा नदी में तथा 2 नाले बलिया नाले में मिलते हैं। बैठक में अपर जिलाधिकारी केएस टोेलिया, एसएस जंगपांगी, सचिव जिला विकास प्राधिकरण हरबीर सिंह, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा, अधिशासी अभियंता जल संस्थान एचएस भारती, अधिशासी अभियंता जल संस्थान संतोष कुमार उपाध्याय सहित, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी शैलेश कुमार अन्य अधिकारी मौजूद रहे।