माँ नन्दा को कैलाश को किया विदा
चमोली। विकासखंड के ढुंग, लंगासू, बणसोली, मैखुरा और कनखुल में आयोजित देवी अनुष्ठानों का समापन पारंपरिक पूजा अर्चना से समापन हो गया। इस दौरान भारी संया में श्रद्धालुओं ने चंडिका, देवराड़ी, नंदा और जिठाईं देवी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। ढुंग गांव में पौराणिक परंपरा के अनुसार नंदा को ससुराल कैलाश के लिए विदा किया गया।इन गांवों में पिछले 31 अगस्त से धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा था। ढुंग गांव में इस बार करीब एक दशक बाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें ग्रामीणों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। रविवार को श्रीसंवाद के साथ यहां व्यास आचार्य गजेंद्र प्रसाद कोठियाल ने कथा का समापन किया। इससे पूर्व यहां नंदा को कैलास छोड़ा गया। गांव पहुंची ध्याणियों ने मां नंदा को चुनरी, फल, ककड़ी सहित श्रृंगार सामग्री भेंट की। नंदा को कैलाश भेजते समय महिलाएं खूब रोई। वहीं लंगासू, मैखुरा, बणसोली और कनखुल में भी कार्यक्रमों का समापन हवन और भंडारे के साथ हुआ। इस दौरान पूर्व विधायक डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी, मंदिर समिति अध्यक्ष जेपी मैखुरी, सीएम नगवाल, मनोज सती, योगेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह, सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
