रानीखेत जिले के गठन को एकजुटता पर जोर
अल्मोड़ा। पूर्व में घोषित रानीखेत सहित चार जिलों को अस्तित्व में लाने की मांग जोर पकडऩे लगी है। मांगों को गुरुवार को जन चेतना अभियान यात्रा रानीखेत पहुंची। समिति की ओर से नगर में जनसभा को संबोधित कर लोगों से अपने हक की लड़ाई लडऩे के लिए आगे आने की अपील की गई। इस दौरान जिले की मांग को लेकर आगामी 18 नवंबर को देहरादून में सीएम को ज्ञापन सौंपने के लिए भी एकजुटता का आह्वान किया गया। वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा घोषित रानीखेत सहित कोटद्वार, यमुनोत्री और डीडीहाट चार जिलों के गठन की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। घोषित जिलों को अस्तित्व में लाने के लिए जिलों की संयुक्त संघर्ष समिति के रानीखेत पहुंचने पर यात्रा का स्थानीय इकाई ने जोरदार स्वागत किया। संयुक्त घोषित जनपद संघर्ष समिति के अध्यक्ष अब्बल चंद कुमांई ने कहा 17 नवंबर तक चलने वाले इस जनचेतना अभियान के तहत संघर्ष समिति चारों जिलों के क्षेत्र के लोगों को जागरूक कर रही है। पृथक जनपद के निर्माण के लिए लोगों से आगे आने का आह्वान किया जा रहा है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के तत्कालीन मुयमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने 15 अगस्त 2011 प्रदेश में चार नए पृथक जिलों के निर्माण की घोषणा की थी। लेकिन लंबा समय बीतने पर यह जिले अपने अस्तित्व में नहीं आ पाए हैं। लोग इन जिलों को अस्तित्व में लाने की प्रदेश सरकार से मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है। संघर्ष समिति चेतना अभियान के माध्यम से पूर्व में घोषित चार जनपदों को अस्तित्व में लाने की मांग के लिए बृहद स्तर पर आंदोलन चलाने की तैयारी में हैं। जिसके लिए जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। देर शाम जन चेतना रैली नगर होते हुए डीडीहाट के लिए रवाना हुई।
रानीखेत जिले की मांग को लेकर भी लोग मुखर – रानीखेत। चारों जिलों की मांग को लेकर जागरूक करने रानीखेत पहुंची संयुक्त घोषित जनपद संघर्ष समिति का स्थानीय इकाई ने भव्य अभिनंदन किया। स्थानीय इकाई द्वारा भी जिले की समस्या सुनाई गई। वक्ताओं ने कहा जिले की मांग पूरी नहीं होने से स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती हैं। जिले की मांग के लिए कई बार आंदोलन भी किए जा चुके है। रानीखेत जिला नहीं बनने से कई विकास कार्य भी अधड़ पर हैं।
मांग पूरी नहीं होने पर पोखरियाल का करेंगे घेराव- रानीखेत। संयुक्त संघर्ष जनपद समिति ने स्थानीय इकाई के साथ सभा कर जिले की मांग के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। समिति अध्यक्ष अब्बल चंद कुमांई ने कहा चारों जिलों की मांग को लेकर समिति 18 नवंबर को अपने-अपने विधायकों के नेतृत्व में सीएम से वार्ता करेंगी। सीएम को ज्ञापन सौंप शीघ्र ही जिलों को अस्तित्व में लाए जाने की मांग की जाएगी। मांग पूरी नहीं होने पर समिति केंद्रीय मंत्री एवं तत्कालीन मुयमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का घेराव करेंगे।
ये रहे मौजूद
भरत सिंह चौहान, विशालमणी रतूड़ी, भरत सिंह चौहार, गुलाब सिंह जयाड़ा, नरोत्तम रतूड़ी, फकीर लाल, बलवीर सिंह, डीएन बड़ोला, मोहन नेगी, विमल सती, गिरीश भगत, मनोज अग्रवाल, बार एसोशिएन अध्यक्ष गंगा सिंह रावत, रघुनंदन बेला आदि रहे।
