बागेश्वर में एक अंत्योदय कार्डधारी की लाचारी
बागेश्वर। सरकार जनता के द्वार, बहुद्देश्यीय शिविर, जन सुनवाई शिविर के अलावा कई अन्य शिविरों का सरकार संचालन करा रही है। इसके बावजूद भी तहसील के मलसूना गांव की एक अत्योदय कार्ड धारक को सरकारी योजना का एक भी नहीं मिल पाया है। ऐसा नहीं है कि परिवार ने लाभ लेने का प्रयास नहीं किया। कई शिविरों में जाकर भी हालात आज भी जस के तस हैं। खुले में शौच करना परिवार की आज भी मजबूरी बनी है। चीड़ के छिलके जलकार बचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कागजों में भले ही जिला खुले में शौचमुक्त हो गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी कुछ और है। सरकार योजना को अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने के लाख दावे करे, लेकिन योजना आज भी गरीब व्यक्ति तक नहीं पहुंच रही है। मलसूना गांव के एक अत्योदय परिवार तो सिर्फ बानगी भर है। गांव की तारा देवी पत्नी गोविंद राम के नाम अत्योदय कार्ड बना है। पति मजदूरी कर घर-परिवार चलाता है। तीन बचे स्कूल जाते हैं। इस परिवार को आज तक सरकार की कोई योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना हो या अन्य कोई आवास योजना। परिवार इससे वंचित रहा। परिवार आज भी अंधेरे में रात काटने को मजबूर है। तारा का कहना है कि उसने ग्राम पंचायत की खुली बैठक से लेकर बहुद्देश्यीय शिविर में जाकर अपनी पीड़ा कई बार अधिकारियों को बता दी है। उन्हें कहीं से भी कोई लाभ नहीं मिला है। उनका पूरा परिवार आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। बिजली नहीं होने से बचे चीड़ के छिलके जलाकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। उसने बताया कि उसके तीन बचे हैं। एक बेटी छह में एक बेटा चार में दूसरा एक में पढ़ता है। इस मामले में एसडीएम कांडा योगेंद्र सिंह का कहना है महिला को योजना का लाभ क्यों नहीं मिला इस पर जांच की जाएगी। उन्हें हर संभव योजना का लाभ दिया जाएगा।
