बागेश्वर में एक हत्या मामले में तीन युवकों के खिलाफ दोषसिद्ध
बागेश्वर। मार्च माह में कर्मी के एक युवक की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने तीन युवकों को दोषी माना। आज शुक्रवार को कर्मी के रहने वाले तीनों आरोपी हरीश सिंह उर्फ हरिओम पुत्र राम सिंह, ललित सिंह उर्फ ललित थापा पुत्र राम सिंह और चंदन सिंह पुत्र लाल सिंह की सजा का ऐलान होगा। इस साल 25 मार्च को कपकोट तहसील के कर्मी गांव निवासी तारा सिंह पुत्र भवान सिंह ने कपकोट थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने अपने भाई खिलाफ सिंह को मारकर शव कहीं छुपाने की बात कही। कपकोट पुलिस ने मामले की जांच की। गांव जाकर मामले में नामजद आरोपियों से पूछताछ की। जिसके आधार पर पूरी कहानी साफ हुई। पूछताछ में पता चला कि मृतक खिलाफ सिंह का आरोपी चंदन सिंह की बेटी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। 24 मार्च की रात वह लड़की से मिलने गया तो आरोपी हरीश और ललित सिंह ने उसे पकड़ लिया। उन्होंने उसके सिर पर डंडे से प्रहार किया और चाकू से उसके शरीर पर कई वार किए। आरोपियों ने नायलॉन की रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। जिसके बाद उसके शव और हत्या में प्रयुक्त रस्सी, डंडे और चाकू को घर के पास ही खड़ी चंदन सिंह की ऑल्टो कार में रखकर वहां से करीब 15 किमी दूर परथली विश्राम घर के समीप रोड से 20 मीटर नीचे गड्ढा खोदकर दबा दिया। आरोपी पुलिस को उस स्थान पर ले गए जहां उन्होंने शव को दफनाया था। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को खुदाई कर बाहर निकाला। युवक की शिनात खिलाफ सिंह के रूप में हुई। अदालत में प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने न्यायाधीश के समक्ष कुल 12 गवाह पेश कराये। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश कराए गए गवाह, विधि विज्ञान की परीक्षण रिपोर्ट और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने तीनों को खिलाफ सिंह की हत्या का दोषी माना और उन्हें सजा देने के लिए आज शुक्रवार का दिन मुकर्रर किया।
