March 23, 2026

बागेश्वर में साढ़े बीस लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाला गिरतार

बागेश्वर। फर्जी सोसायटी बनाकर लोगों के रुपये हड़पने वाला आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। कोतवाली पुलिस ने उसे स्टेशन रोड से गिरतार किया। उसे न्यायालय में पेश कर अल्मोड़ा जेल भेज दिया गया है। आरोपी पर खाताधारकों के साथ साढ़े बीस लाख से अधिक रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस मामले के दो आरोपी पहले ही गिरतार हो चुके हैं।
बिलौना निवासी तुलसी देवी ने इसी साल की 19 फरवरी को कोतवाली में अर्थलैंड डेवलपर्स लिमिटेड के खिलाफ तहरीर दी। उन्होंने बताया कि इस कंपनी ने नगर में अर्थक्रेडिट सोसायटी नाम की शाखा का कार्यालय खोला। जिसके बाद उन्होंने उसे व अन्य युवाओं को अपनी शाखा से जोड़ा। उन्हें विभिन्न प्रकार की योजनाओं का झांसा देकर लोगों के खाते खुलवाये और करीब 20 लाख 51 हजार 500 रुपये खाताधारकों के जमा कराये गए। जमा धन की समयावधि पूरी होने पर खाताधारकों के रुपयों का भुगतान करने की बजाय कंपनी के कर्ताधर्ता कार्यालय में बंद कर फरार हो गए। उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 420, 406, 409 और 120 बी में मामला दर्ज किया। जांच वरिष्ठ उप निरीक्षक मोहन चंद्र पडलिया को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने जिले के अलावा राजस्थान में भी इसी तरह के अपराध कर लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश करने लगी। इस दौरान दो आरोपी मालिक राजकुमार शर्मा और प्रबंधक दीपक कुमार को पुलिस ने गिरतार भी किया, जबकि एक अन्य आरोपी पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। एसपी के निर्देश पर उसे पकडऩे के लिए प्रभारी कोतवाल मदन लाल के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। अथक प्रयास के बाद पुलिस ने तीसरे आरोपी दीनदयाल तिवारी (35) पुत्र दयाशंकर तिवारी ग्राम कटिहारी सतराव जिला देवरिया, उत्तर प्रदेश को स्टेशन रोड बागेश्वर से गिरतार करने में सफलता हासिल की। एक साल से वांछित आरोपी की गिरतारी पर पुलिस ने भी राहत की सांस ली। पुलिस टीम में एसएसआई पडलिया के साथ भुवन सिंह, हेम चंद्र मठपाल, चंदन कोहली, गिरीश बजेली रहे।
अधिक ब्याज का झांसा देकर हड़पा धन- बागेश्वर। अर्थलैंड डेवलेपर्स कंपनी ने नगर में अर्थक्रेडिट सोसायटी नाम से कार्यालय खोला। उन्होंने स्थानीय लोगों को भरोसे में लेकर एजेंट बनाया। उन्हें सोसायटी की कई योजनाओं की जानकारी देकर खाताधारकों को अधिक ब्याज देने का प्रलोभन दिया। एजेंटों ने उनकी बताई स्कीम के अनुसार ग्राहकों को कम समय में अधिक ब्याज देने के नाम पर खाते खुलवाए। खाते में जमा रकम की समयावधि पूरी होने पर कंपनी ने खाताधारकों को भुगतान करने की बजाय कार्यालय में ताला लटका दिया और सारा धन हड़प कर रफूचक्कर हो गए।