बागेश्वर में टैक्सी चालकों ने किया विरोध प्रदर्शन
बागेश्वर। टैक्सी यूनियन महासंघ की जिला शाखा ने संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कार्यालय में बिना मध्यस्थ के कोई काम नहीं हो रहा है। वाहन चालक और मालिक को अपना काम करने के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक रुपया चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर इस मनमानी पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने समस्या का निदान नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी। नगर के टैक्सी चालक और मालिकों ने कलक्ट्रेट में नारेबाजी के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि एआरटीओ कार्यालय में मनमानी चल रही है। कार्यालय में बिना मध्यस्थ को कोई काम नहीं हो रहा है। अगर सीधे काम करा भी लिया तो उस पर कई तरह के अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। जिसको ठीक कराने के लिए उन्हें अतिरिक्त रुपया देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि अब तक वाहन मालिकों को चुनाव के समय का भुगतान भी नहीं हुआ है। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर एआरटीओ कार्यालय के बाहर बैठने वाले मध्यस्थों की सीसीटीवी लगातार जांच कराने तथा चुनाव के बिल का जल्द वाहन मालिकों को भुगतान करने की मांग की।इस मौके पर कुमाऊं टैक्सी महासंघ के अध्यक्ष ठाकुर सिंह महेश बोरा, अरविंद खेतवाल, इंद्र सिंह बोरा, मुन्ना सिंह कठायत, दयाल सिंह बड़ती, पुष्कर जोशी, नरेंद्र थापा सहित तमाम वाहन मालिक और चालक मौजूद रहे।
निजी गाडिय़ों में सवारियां ढोने पर रोष – टैक्सी चालकों ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि नगर में निजी वाहनों में अवैध तरीके से सवारियां ढोने का काम चल रहा है। जिससे टैक्सी मालिकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि टैक्सियों के लिए नियत स्थानों पर ही स्टैंड बने हैं, जबकि निजी वाहनों में कहीं से भी सवारी भरने में कोई रोकटोक नहीं है। उन्होंने बताया कि बाइपास सड़कों का काम पूरा नहीं होने से भी दिक्कत हो रही है। उन्होंने सभी बाईपास रोड का काम पूरा करवाने तथा निजी वाहनों में सवारियों भरने पर रोक लगाने की मांग भी की।
