May 7, 2026

3जनवरी को किसान करेंगे सिंचाई विभाग का घेराव

बागेश्वर। ऐठाण नहर में कई साल से पानी नहीं आ रहा है। जिससे क्षेत्र के किसानों की फसल हर साल बर्बाद हो रही है। विभाग से गुहार लगाकर थक चुके किसानों ने अब आंदोलन का मन बना लिया है। उन्होंने तीन जनवरी को सिंचाई विभाग और नगर पंचायत का घेराव करने की चेतावनी दी। वर्ष 1952 में बनी 14 किमी लंबी ऐठाण नहर में साल 2012 से पानी की आपूर्ति ठप है। इस साल आई आपदा में नहर कई स्थानों से टूट गई थी। जिसे विभाग ने कई बार ठीक करने का दावा किया था, लेकिन किसानों को पानी नहीं मिल सका। आज भी ऐठाण, बमसेरा, खाईबगड़, भराड़ी, हिचैड़ी, हुणयाणी, हिचौड़ी आदि के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा सर्दी के मौसम में पाले की मार से फसलों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में सिंचाई से ही उन्हें बचाया जा सकता है, नहर सूखी होने से गेहूं सहित अन्य फसल बर्बाद होने की कगार पर है। लाही, प्याज, पालक, मेथी, धनिया, मूली आदि सब्जियों के लिए भी नदी व प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा पानी नहीं होने से कई किसान खेती के काम से तौबा कर चुके हैं। जिससे खेत बंजर होते जा रहे हैं। किसान नंदन ऐठानी, हरिमोहन ऐठानी, लछम सिंह, गोपुली देवी, दलीप कुंवर, चंचल सिंह ऐठानी, मादो सिंह आदि ने सिंचाई विभाग से जल्द सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने को कहा। कहा समस्या का निदान नहीं होने पर तीन जनवरी को विभाग का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं हुआ तो किसान उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
नहर की मरमत के लिए नाबार्ड से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। नहर की मरमत के लिए बजट की मांग की गई है। बजट उपलब्ध होते ही मरमत का काम शुरू कर दिया जाएगा। – पंकज मेहता, जेई, सिंचाई विभाग।

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