March 22, 2026

बागेश्वर में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में 16 ग्राम पंचायतों का चयन

बागेश्वर । केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पी0एम0ए0जी0वार्इ0) के अंतर्गत जनपद  बागेश्वर की 16 ग्राम  पंचायतों का चयन किया गया हैं, जनपद में इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संबंधित ग्राम प्रधानों एवं रेखीय विभाग के अधिकारियों को विकास भवन सभागार में दिया गया, प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने भी प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम प्रधानों एवं अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना केन्द्र सरकार की एक महत्वाकांशी योजना हैं, जिसके अंतर्गत आदर्श ग्राम बनाने के लिए जनपद के 500 से अधिक जनसंख्या वाले गांवों जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के लोंगो की जनसंख्या हैं, इसके तहत ग्राम पंचायतों के समेकित विकास हेतु जनपद बागेश्वर से भारत सरकार द्वारा 16 ग्राम पंचायतों को चयन किया गया हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्रमा योजना के अंतर्गत आदर्श ग्राम एक ऐसी संकल्पना हैं जिसमे लोंगो को विभिन्न बुनियादी सेवायें देने की परिकल्पना की गयी हैं, जिससे समाज के सभी वर्गो की न्यूनतम आवश्यकताओं को  पूर्ति हो और असमानताएं कम से कम रहें ऐसी सभी अवसंरचना प्रदान करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य हैं जो व्यक्तियों के समाज जीवन जीने के लिए आवश्यक हों। इस योजना के दिशा निर्देशो के क्रम में भारत सरकार द्वारा योजना के उद्देश्य पूर्ति के लिए 10 विभागों/कार्यक्षेत्रों के 50 निगरानी योग्य संकेतको को चिन्हित किया गया हैं, जिसमें 10 विभाग मुख्य रूप शामिल किये गये हैं जिसमे पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ और पोषण, समाज सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें और आवास, विद्युत और स्वच्छ र्इधन, कृषि पद्धतियां, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण तथा जीवन यापन और कौशल विकास शामिल किया गया हैं।जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम प्रधानों को बधार्इ देते हुए कहा कि आप सौभाग्यशाली हैं कि आपकी ग्राम पंचायत को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में चयनित किया गया हैं, जिसके आदर्श ग्राम पंचायत बनाने एवं उसके चौमुखी विकास के लिए सभी  वर्गो हितों को ध्यान में  रखते हुए कार्ययोजना तैयार करना हैं जिसके लिए उन्होंने सभी जनप्रनिधियों से कहा कि ग्राम पंचायत में प्राथमिकता योजना को सबसे पहले चयनित करें जिसमें गांव में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ तथा सड़क आदि पर विशेष ध्यान देना है। उन्होंने यह भी कहा विभिन्न विभागों द्वारा जो भी जनकल्याणकारी योजनाऐं जिसमें स्वास्थ विभाग, महिला सशक्तिकरण, कृषि बागवानी, पशुपालन तथा समाज कल्याण आदि विभागों की जो भी योजनाऐं संचालित हो रही है उनकी जानकारी सबको होनी आवश्यक हैं, जब प्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी होगी तभी वे जरूरतमंदों तक योजनाओ को उपलब्ध करा सकते हैं। और कहा कि सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हैं ताकि उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोडा जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जो प्रशिक्षण आपकों आदर्श ग्राम पंचायत बनाने के लिए दिया जा रहा हैं उस प्रशिक्षण को गंभीरता से प्राप्त करते हुए भारत सरकार द्वारा जो 10 क्षेत्रों के 50 निगरानी योग्य संकेतकों के लक्ष्य पूर्ति करने के लिए निर्धारित अंक प्राप्त करने के पश्चात ही गांव को आदर्श ग्राम पंचायत घोषित किया जाना हैं इस हेतु इन संकेतकों के विवरण इसने संबंधित सर्वे, प्रारूप सर्वे डिजिटल के माध्यम से सर्वे की प्रक्रिया को ठीक ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए केन्द्र सरकार की इस योजना का दृष्टिकोण है कि चयनित गांव का समेकित विकास और केन्द्र और राज्य सरकार की मौजूदा योजना का अभिशरण ढंग से करते हुए कार्य योजना तैयार करें। इस अवसर समाज कल्याण विभाग से प्रशिक्षण दे रहे अनुज ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत स्लार्इड शो के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी जिसमें उन्होंने कहा कि आपकी ग्राम सभा का चयन किया गया हैं जिसको आदर्श ग्राम पंचायत बनाने के लिए आप सभी लोंगो को गंभीरता पूर्वक कार्य योजना  तैयार करनी हैं जिसके अंतर्गत भारत सरकार द्वारा प्रारूप 2, 3क में पूछे गयें प्रश्नों का सर्वे की प्रक्रिया में अच्छी तरह से अंकन करना हैं। जिसमें 10 प्रक्रिया पर कार्य करना हैं जिसमें जनपद एवं ग्राम स्तर पर अभिशरण स्तर पर कमेटी का गठन, समितियों के गठन का विवरण पोर्टल के प्रपत्र 1, प्रपत्र 7 पर आधारित करना, चयनित ग्राम सभाओं में सर्वे करना, सर्वेक्षण संबंधित आंकडों को पोर्टल के प्रपत्र 2 एवं 3 पर इंट्री करना, सर्वेक्षण आंकडों के हिसाब से वीडीपी तैयार करना, सर्वेक्षण के आधार पर वीडीपी की ग्राम स्तरीय अभिषरण समिति से अनुमोदन करना, ग्राम स्तरीय वीडीपी की जिला स्तरीय अभिषण समिति से अनुमोदन करना, ग्राम स्तरीय वीडीपी के आधार पर संबंधित विभागों की कार्ययोजनाओ से अभिषरण कराकर संतृप्त करना, पीडीपी के अुनसार कार्यो की पूर्ति तथा आदर्श ग्राम घोषित करने की तिथि आदि मुख्य बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य करना हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय कमेटी से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरान्त तथा पोर्टल पर अपलोड होने के बाद प्रत्येक ग्राम पंचायत को विकास योजनओं के लिए 20 लाख की धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी। सहायक समाज कल्याण अधिकारी संतोष जोशी ने कहा कि जनपद बागेश्वर की 16 ग्राम पंचायतों का प्रधानमंत्री आदर्श ग्रमा योजना हेतु चयन किया गया हैं जिसमें विकास खंड बागेश्वर से 11 जिसमें ग्राम पंचायत सिमकुना, अनर्सा, चौगांवछीना, भटखोला चक किमखोली, ओखलीसिरौद, भेरूचबट्टा, घटगाड, सैंज, झडकोट, आरे तथा चौडा शामिल हैं, विकास खंड कपकोट से 02 ग्राम पंचायतें में चचर्इ तथा रिखाडी तथा विकास खंड गरूड से 03 ग्राम पंचायतों में लखनी, लमचूडा तथा उडखूली शामिल हैं।बैठक में संयुक्त निदेशक समाज कल्याण वंदना सिंह, सहायक निदेशक आर0के0जोशी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ0 उदय शंकर, मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी बी0एस0रावत, अधि0अभि0 पेयजल निगम सी0पी0एस0गंगवार, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास राजेन्द्र बिष्ट सहित संबंधित अधिकारी एवं  ग्राम प्रधान मौजूद रहें।