March 5, 2026

बागेश्वर जिले को कुपोषण मुक्त कराने को जनजागरुकता जरुरी: डीएम

बागेश्वर। जिलाधिकारी रंजना राजगुरु ने कहा कि जिले को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए जनजागरूकता जरूरी है। इसके लिए राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत कार्यशाला कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 34 कुपोषित बचों को कुपोषित की श्रेणी से स्वस्थ्य रूप में लाया जा चुका है। जिले में कुपोषित बचों की देखरेख के लिए 35 अधिकारियों ने उन्हें गोद लिया है। जो उनकी उचित देखभाल करने के साथ लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में विकास भवन में कार्यशाला का आयोजन हुआ। मुय अतिथि डीएम ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल तथा आहार की जानकारी दी जा रही है। जिले को कुपोषण मुक्त कराने के लिए सरकारी स्कूलों में छात्राओं में खून की कमी की जांच के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पहले चरण में गरुड़ ब्लॉक का चयन किया गया है। जिन किशोरियों में खून की कमी होगी, उनकी उचित देखभाल व बेहतर स्वास्थ्य के लिए कार्य किया जाएगा। जिपं अध्यक्ष बसंती देव ने बाल विकास विभाग से कुपोषण मुक्त जिले के लिए हो रहे कार्यों की सराहना की। सीडीओ डीडी पंत ने कुपोषण मुक्त रखने, शिशुओं के स्वास्थ्य, खान-पान व सफाई का ध्यान रखने के बारे में बताया। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र प्रसाद बिष्ट ने स्लाइड शो के माध्यम से योजना से होने वाले कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने प्रसव पूर्व तैयारी, खानपान व सफाई, कुपोषण के लक्षण, बचने के उपाय, संतुलित आहार, आवश्यक टीकाकरण आदि के बारे में बताया। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख बागेश्वर पुष्पा देवी, गरुड़ हेमा देवी, एडीएम राहुल कुमार गोयल, एसीएमओ डॉ. एनएस टोलिया, व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश सोनी सहित विभागीय अधिकारी, सभासद, ग्राम प्रधान आदि मौजूद रहे।
टॉपर छात्राओं को मोबाइल दिया: कार्यशाला में जिलाधिकारी ने बोर्ड की टॉपर्स छात्राओं को मोबाइल फोन देकर समानित किया। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर की कक्षा दस की टॉपर्स 93 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली राधा तिवारी और विवेकानंद मंडलसेरा की 12वीं की छात्रा हिमानी भट्ट व रीना भंडारी को समानित किया।