रानीखेत में सन्नाटा, घरों में कैद हुए लोग
अल्मोड़ा। पर्यटन नगरी में लॉकडाउन पूरी तरह सफल बना हुआ है। गुरुवार को लॉकडाउन में ढील की अवधि के अलावा पूरे दिन लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। बाजारों में सन्नाटा रहा। शहर में सिर्फ पुलिस फोर्स की मौजूदगी के साथ पुलिस वैन का सायरन गूंजता रहा। सिर्फ जरूरी कार्यों से घरों से निकले लोगों और वाहनों को ही आवाजाही की छूट दी गई।लॉकडाउन का गुरुवार को भी नगर में व्यापक असर रहा। लॉकडाउन का पालन करते हुए लोग पूरे दिन अपने घरों में ही कैद रहे। इधर, लॉकडाउन का पूरा पालन कराने के लिए पुलिस ने भी सती तेज कर दी है। इसके लिए बाहर से भी पुलिस फोर्स मंगाई गई है। नगर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा रहा। कोतवाल हरेंद्र चौधरी भी पुलिस टीम के साथ लगातार गश्त लगाते रहे। पुलिस की सती के बाद हालांकि लोग अब लॉकडाउन के दौरान अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। इसके बावजूद बेवजह घरों से बाहर घूम रहे कुछ लोगों को पुलिस ने फटकार लगाकर घरों को खदेड़ा। नगर की बाजारों में पसरे सन्नाटे के बीच दिन भर व रात तक सिर्फ पुलिस वैन का सायरन गूंजता रहा।
ढील के दौरान सोशल डिस्टेंस के प्रयास नहीं हो रहे सफल
रानीखेत। लॉकडाउन के दौरान सुबह के वक्त तीन घंटों के लिए मिल रही ढील में सोशल डिस्टेंस नहीं बन पा रही है। छूट मिलते ही राशन, सब्जी सहित अन्य जरूरी वस्तुओं की दुकानों में लोगों की भीड़ जमा होने से कोरोना संक्रमण से निपटने के प्रयास सफल होते नहीं दिख रहे हैं। इसी के मद्देनजर खरीदारी के दौरान सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के लिए बुधवार की शाम पुलिस की ओर से नगर की सभी जरूरी वस्तुओं की दुकानों के पेंट से आगे गोल घेरे बनाकर स्थान चिह्नित किए। लॉकडाउन में ढील के दौरान करीब एक मीटर के फासले पर बनाए गए इन घेरों में खड़े होकर ही लोगों को लाइन में लगना था। लेकिन गुरुवार की सुबह अधिकांश स्थानों पर सोशल डिस्टेंस का पहले की तरह ही अभाव देखा गया। गोल घेरों में खड़े होकर लाइन लगाने के बजाय लोग भीड़ के रूप में ही दुकानों में खरीदारी करते देखे गए। कई जगह कोतवाल हरेंद्र चौधरी सहित पुलिस कर्मियों ने लोगों को घेरों में खड़े करने के साथ उनसे नियमों का पालन करने की भी अपील की।
