March 22, 2026

सोमेश्वर में दस बजे बाद खुला अस्पताल, मरीज परेशान

अल्मोड़ा। जहां एक ओर पूरे देश मे कोरोना के खिलाफ चिकित्सा सेवाएं चुस्त दुरुस्त रखने और कर्फ्यू के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को अति आवश्यक सेवाओं में रखा गया है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी आदेशों को विभागीय कर्मचारी और अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं। आलम यह है कि जो अस्पताल सामान्य दिनों में सुबह 8 बजे खुलते हैं। वह आपातकाल में 10 बजे तक भी नहीं खुले। इसके साथ ही अस्पताल में आधा दर्जन कर्मचारी तैनात हैं। लेकिन 10 बजकर 15 मिटन तक केवल दो कर्मचारी ड्यूटी देने पहुंचे। जबकि कई मरीज अस्पताल में ताला लटका देख बिना दवा के घरों को लौट गए। अस्पताल नहीं खुलने से मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं। मामला सोमेश्वर तहसील के मनसा घाटी के राजकीय एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र भैसडग़ांव का है। गुरुवार को जब अस्पताल 10 बजे तक नहीं खुला तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना मीडिया को दी मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों के बाद सवा दस बजे अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट और वार्डबॉय अस्पताल पहुंचे। देर से आने का कारण पूछने पर जवाब मिला कि फार्मासिस्ट की बाइक खराब हो गई थी। इससे वह विलब से पहुंचे। लेकिन अन्य कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के बारे में पूछने पर मामला अस्पताल के प्रभारी पर डाल दिया। बताते चलें कि इस यहां आयुर्वेदिक और ऐलोपैथिक दोनों अस्पताल एक साथ संचालित होते हैं। तथा वर्तमान में यहां एक आयुर्वेदिक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट आयुर्वेदिक, एक फार्मासिस्ट एलोपैथिक और दो वार्डबॉय के साथ ही एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नियुक्त हैं। लेकिन एक भी कर्मचारी 10 बजे तक अस्पताल नही पहुंचा जिससे स्वास्थ्य विभाग और कोरोना महामारी के खिलाफ विभागीय अधिकारियों की संवेदनहीनता सामने आई है। इधर मामले के बारे में सीएमओ डा. सविता ह्यांकी व एसीएमओ डा. योगेश पुरोहित से पता करने की कोशिश की गई लेकिन इन अधिकारियों ने फोन कॉल रिसीव नहीं की।
बगैर उचाधिकारियों के आदेश के अस्पताल सवा दस बजे तक नहीं खुलना और सबका अनुपस्थित रहना घोर लापरवाही है। ब्लॉक के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों को यथा समय खोलें तथा इस मामले की जानकारी उचाधिकारियों को दी जा रही है। – डॉ. सुधीर गुप्ता ताकुला ब्लॉक चिकित्सा प्रभारी