बागेश्वर में मुसीबत में मजदूर
बागेश्वर। बाहरी क्षेत्र आकर अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले मजदूरों पर अब राशन-पानी का संकट गहराने लगा है। अधिकतर मजदूर अब अपने परिवार के साथ जाना चाहते हैं। वे पुलिस और प्रशासन से गुहार भी लगा रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। कुछ लोगों ने कहा अब उनके जेब में फूटी कौड़ी भी नहीं है। उनके सामने आगे कुआं पीछे खाई वाली कहानी चरितार्थ हो रही है। लॉकडाउन को सात दिन हो गए हैं, अब मेहनत और मजदूरी कर अपने परिवार को पालने वालों के सामने संकट गहराने लगा है। शुक्रवार को प्रशासन ने मजदूरों को राशन बांटने की बात की थी। इसके लिए बाहरी क्षेत्र से यहां आकर रह रहे लोगों को सात बजे तहसील परिसर में बुलाया गया था। राशन लेने के लिए सुबह सात बजे से ही मजदूर पहुंचने शुरू हो गए। 11 बजे तक उन्हें राशन नहीं मिल पाया। इस दौरान तहसील में सोशल डिस्टेंस की भी धजियां उड़ती रही। चार घंटे इंतजार के बाद भी उन्हें राशन नहीं मिल पाया और वे निराश होकर लौट गए।
बोले अधिकारी-
सात बजे किसी भी मजदूर को तहसील में नहीं बुलाया गया था। मजदूरों को राशन बांटने का काम चल रहा है। इसके लिए गरुड़ से 300 तथा बागेश्वर से 110 मजदूर चयनित हुए हैं। उन्हें शुक्रवार की शाम तक राशन बांट दिया जाएगा।
– अरुण कुमार वर्मा, डीएसओ, बागेश्वर।
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सभी लोगों को सहयोग करना होगा। किसी भी मजदूर को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। पूर्ति विभाग के माध्यम से राशन वितरण किया जाएगा। ढील के दौरान राशन लेकर सभी मजदूर घरों में ही रहें। लॉकडाउन का पालन करें।
-राकेश चंद्र तिवारी, एसडीएम बागेश्वर।
सोशल डिस्टेंस बनाने की नगर करते रहे अपील
बागेश्वर। तहसील परिसर में खाद्यान्न लेने के लिए उमड़ी मजदूरों की भीड़ से सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश सोनी करते रहे। उन्होंने वहां एक घंटे तक रहकर लोगों से एक मीटर की दूरी बनाए रखने की अपील की। उनकी अपील पर कुछ मजदूरों ने अमल भी किया।
