डीएम मंगेश घिल्डियाल का स्थानांतरण रोकने की मांग
रुद्रप्रयाग। डीएम मंगेश घिल्डियाल के स्थानांतरण को रोके जाने को लेकर जिले के विभिन्न संगठनों, जनता व व्यापारियों ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है। कहा है कि कोरोना जैसी महामारी के समय बेहतर कार्य करने वाले डीएम का स्थानांतरण किया जाना उचित नहीं है। तत्काल जनभावनाओं को देखते हुए इस पर रोक लगाई जाए। वर्ष 2017 मई में डीएम मंगेश घिल्डियाल की तैनाती जनपद में हुई थी, तीन साल से उनके कार्य से जनपद का हर वर्ग खुश था। गुरुवार को शासन ने उनका स्थानांतरण टिहरी किया तो लोग सकते में आ गए। तमाम दलों से लेकर संगठन तक के लोग स्थानांतरण पर रोक लगाने की मांग करने लगे। जखोली के ब्लाक प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने कहा कि महामारी के ऐन समय पर डीएम का तबादला नहीं किया जाना चाहिए था। जन अधिकार मंच के अध्यक्ष मोहित डिमरी एवं महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि कोरोना को देखते हुए कम से कम छह माह तक जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को रुद्रप्रयाग जनपद में ही रखा जाना चाहिए। उन्होंने केदारनाथ में आपदा पुनर्निर्माण कार्य में बेहतर भूमिका निभाई। कहा कि उनके कार्यकाल में जिले को एक नई दिशा मिली है। कुछ कार्य शेष है, यदि उनका स्थानांतरण रोक दिया जाता है तो जिले में विकास की गति ओर मिल सकेगी। अधिवक्ता प्यार सिंह नेगी, बड़मा विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष कालीचरण रावत, पूर्व प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मगनानंद भट्ट, व्यापार संघ के केशवानंद नौटियाल ने मुय सचिव को पत्र लिखकर डीएम का स्थानांतरण रोकने की मांग की है।
