उद्योग बंधुओं की समस्यायें तत्काल हल करें : डीएम रंजना
बागेश्वर। डीएम रंजना राजगुरु ने उद्योग मित्र समिति की बैठक ली। उन्होंने महाप्रबंधक उद्योग से जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने व उनकी आर्थिकी बेहतर करने को कहा। उन्होंने उद्योग बंधुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और उनकी समस्याओं का तत्काल निदान करने के भी निर्देश दिए। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों से प्राप्त आवेदन पत्रों पर जल्द कार्रवाई कर बैंकों को भेजने को कहा। लोन के लिए आने वाले आवेदन पत्रों की सही से जांच करने और त्रुटि मिलने पर आवेदनकर्ता को बताकर तत्काल समस्या का निदान कराने के निर्देश दिए। उद्योग विभाग व बैंक से आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने और अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजगार के लिए लोन उपलब्ध कराने को कहा। महाप्रबंधक को बेरोजगार युवाओं के बीच जाकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्यमियों की समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डीएम ने सभी उद्यमियों को समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। बैठक में सीडीओ डीडी पंत, प्रभागीय वनाधिकारी मयंक शेखर झा, एडीएम राहुल कुमार गोयल, ईई भाष्कर पांडेय, लीड बैंक अधिकारी मनोहर पांगती, दलीप खेतवाल, नरेंद्र खेतवाल आदि मौजूद रहे। आठ प्रस्ताव पास, तीन को मिला लोनबागेश्वर। बैठक में महाप्रबंधक उद्योग बीसी चैधरी ने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के तहत कुल आठ प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जिनमें से तीन आवेदन पत्रों में बैंक ने लोन स्वीकृत किया है। बाकी प्रस्तावों पर कार्रवाई चल रही है। उन्होंने बताया कि विभाग उद्यमियों को जागरूक करने का कार्य भी कर रहा है। जिसके तहत चार लोगों ने अलग-अलग व्यवसाय के लिए आवेदन किया है। ऑनलाइन आवेदनों को सैद्धांतिक स्वीकृतिबागेश्वर। डीएम रंजना राजगुरु ने एकल खिड़की व्यवस्था के तहत विभागीय पोर्टल पर हुए दो ऑनलाइन आवेदनों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। जिला कार्यालय सभागर में हुई एकल खिड़की सुगमता जिला प्राधिकृत समिति की बैठक हुई। इसमें महाप्रबंधक उद्योग विमल चंद्र चैधरी ने विभागीय पोर्टल पर उद्योग लगाने के लिए हुए ऑनलाइन आवेदनों की जानकारी दी। बताया कि आवेदन में पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अग्नि शमन विभाग, पावर कारपोरेशन, राजस्व विभाग और जिला विकास प्राधिकरण ने सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। जिस पर डीएम ने भी उन्हें सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी।
