नियमितीकरण की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों का कार्य बहिष्कार
बागेश्वर। नियमितीककरण और वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर मनरेगा कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने विकास खंड कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बीडीओ के माध्यम से मुयमंत्री को ज्ञापन भेजा। कर्मचारियों ने जल्द समस्याओं का निदान नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की भी चेतावनी से अधिक का समय बीत गया है। तब से कर्मचारी अल्प वेतन में पूरे मनोयोग के साथ काम कर रहे हैं। एक ओर जहां कर्मचारियों के काम और जिमेदारी में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है, वहीं वेतन काफी कम मिल रहा है। जिससे घर खर्च चलाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने संविदा कर्मचारियों को स्थाई करने, सरकरी कर्मचारी घोषित किए जाने तक तत्काल प्रभाव से कार्यालय मद की बजाय वेतन कोष का गठन कर मनरेगा में कार्य करने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय 24000 रुपया देने की मांग की। वेतन का भुगतान नियमित करने को कहा। मनरेगा कर्मियों को स्थाई पदों के समान स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा व मुआवजा, पीएफ कटौती, अनुकंपा के आधार पर नौकरी, विभिन्न प्रकार के महंगाई, यात्रा आदि भत्ते सहित अन्य सुविधाएं देने को कहा। सभी मनरेगा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने की की मांग की। उन्होंने कर्मचारियों के लिए सुसंगत मानव संसाधन नीति बनाकर कर्मचारियों को नियमित करने को कहा। कहा कि कर्मचारियों को जल्द मांग नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद, संतोष पांडेय, हितेश कुमार आर्या, देवेंद्र गिरी गोस्वामी, हिमांशु आर्या सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।
