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October 10, 2026

 बड़ा खुलासा:- कश्‍मीर में युवाओं का इस्तेमाल करके लोगों के कत्ल करा रही आईएसआई

श्रीनगर(जम्‍मू कश्‍मीर)। श्रीनगर में दो टीचर्स के कत्ल को इसी नजरिए से देखा जा सकता है। भारत सरकार का मानना है कि पाकिस्तान की एजेंसियां कश्मीर घाटी के आम युवाओं का इस्तेमाल करके लोगों के कत्ल करा रही हैं। ये युवा वारदात को अंजाम देने के बाद अपने रोजमर्रा के काम में लग जाते हैं, इसलिए कई बार ये सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच जाते हैं। इन आतंकियों को ‘हाईब्रिड टेरेरिस्ट्स’ कहा जा रहा है।
अमन में खलल की साजिश
न्यूज एजेंसी आरएनएस से बातचीत में एक अफसर ने कहा- यह जम्मू और कश्मीर में शांति खत्म करने की पाकिस्तानी साजिश है। इसके लिए हाईब्रिड टेरेरिस्ट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरह के हमलों में जो लोग या युवा शामिल हैं, वो आम लोगों की तरह जॉब्स या कोई दूसरा रोजगार करते हैं। हमले के लिए छोटे हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है। वारदात को अंजाम देने के बाद ये लोग पहले की तरह अपने रोजमर्रा के काम में लग जाते हैं।
इस अफसर के मुताबिक, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को इस तरह के हमला करने वाले लोगों के बारे में पुख्ता जानकारी हाथ लग चुकी है, इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जा रही है।
हमलावरों की पहचान का काम तेज
सूत्रों के मुताबिक, इस तरह के हमले करने वाले युवाओं की तेजी से और पुख्ता पहचान की जा रही है। तीन दिनों में कश्मीर घाटी में इस तरह के हमले हुए हैं। हर घटना की बारीकी से जांच की जा रही है। श्रीनगर में गुरुवार को इसी तरह का हमला हुआ और उसमें दो टीचर्स मारे गए। दोनों ही टीचर्स गैर मुस्लिम थे। एक महिला टीचर थी जो सिख समुदाय से थी। दूसरा, कश्मीरी पंडित था। बुधवार को एक फेरीवाले की हत्या की गई थी। वो बिहार का रहने वाला था। मंगलवार को श्रीनगर में कारोबारी माखन लाल बिंद्रू की हत्या कर दी गई थी।
सांप को सांप ही बोलिए
टीचर्स की हत्या के बाद श्रीनगर के मेयर जुनैद मट्‌टू ने कहा- हम सब जानते हैं कि इस वारदात को किसने अंजाम दिया है। आतंकियों को पाकिस्तान की मदद हासिल है। मैं तो कहता हूं सांप को सांप बोलिए। ये हमारे समाज को बर्बाद करने निकले हैं। ये वही सिख कम्युनिटी है, जिसने उन हालात में भी यहां रहना मंजूर किया, जब कोई यहां नहीं रहना चाहता था। अगर हम अपने लोगों के लिए खड़े नहीं होंगे तो कौन होगा। हमें सड़कों पर आना होगा और एक समाज के तौर पर यह संदेश देना होगा कि हम यह नहीं होने देंगे।
स्थानीय मुस्लिमों को बदनाम करने की साजिश
जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने  एजेंसी को बताया- यह स्थानीय मुस्लिमों को बदनाम करने की साजिश है। कश्मीर के सांप्रदायिक सौहार्द्र को खत्म करने की साजिश के तहत निहत्थे नागरिकों को मारा जा रहा है। इससे आतंकियों की निराशा और क्रूरता साफ झलक रही है। आतंकी कश्मीर में अमन-चैन और भाईचारे को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन हम उनके मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे।

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