900करोड़ रुपये की बिजली खरीद में यूपीसीएल ने किया बड़ा खेल: मोर्चा
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा ने यूपीसीएल द्वारा नौ सौ करोड़ की बिजली खरीद पर विद्युत नियामक आयोग से सहमति न लेने और खरीद से संबंधित प्रस्ताव नियामक आयोग के समक्ष पेश न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे यूपीसीएल का भारी भरकम खेल बताया है। गुरुवार को जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि यूपीसीएल द्वारा पावर एक्सचेंज से मार्च से जून तक 1063.59 मिलियन यूनिट एवं एनवीवीएन के माध्यम से मई एवं जून में कुल 135.75 मिलियन यूनिट विद्युत खरीदी गई। यानी कुल 1199.34 मिलियन यूनिट विद्युत खरीदी गई। नेगी ने कहा कि गर्मी आने से पहले निगम को होमवर्क करना चाहिए था, जो उसने नहीं किया। जिसका नतीजा यह हुआ कि आकंठ कर्ज में डूबे प्रदेश को करोड़ों रुपये की बिजली महंगे दामों में खरीदनी पड़ी। निगम को चाहिए था कि बिजली खरीद से पहले आयोग के समक्ष प्रस्ताव तो पेश किया होता। लेकिन प्रस्ताव रखने तक की जहमत नहीं उठाई गई। उक्त स्वीकृति न मिलने के कारण निगम का घाटा बढ़ेगा और यह घाटा निकट भविष्य में विद्युत उपभोक्ताओं से वसूला जाना तय है। नेगी ने कहा कि यूपीसीएल अपनी नाकामी छुपाने के लिए रातों-रात कुछ भी कर सकता है। लेकिन जनता की विद्युत समस्याओं पर संज्ञान लेने में महीनों और सालों लगा देते हैं । इस दौरान रान विजय राम शर्मा व सुशील भारद्वाज मौजूद थे।
