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November 5, 2026

खड़िया खनन से रास्ते व पेयजल स्रोत ध्वस्त,  पट्टाधाक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग


बागेश्वर। खड़िया खनन से रास्ते, पेयजल स्रोत आदि ध्वस्त हो गए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निरीक्षण करने और पट्टाधारक पर कार्रवाई करने की मांग की है। ऐसा नहीं पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। मंगलवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि भीड़ी, स्यालडोबा में सोप स्टोन है। पट्टाधारक खड़िया खोद रहे हैं। ग्रामीणों के हक हकूक की जमीन है और वह अभिलेखों में दर्ज है। ग्रामीणों की अनुमति और सहमति के बिना ही खनन हो रहा है। जिससे पानी के स्रोत बंद हो गए हैं। हर घर नल योजना भी ध्वस्त हो गई है। गांव के आम रास्तों को भी भारी नुकसान पहुंच गया है। खनन से मकानों को भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने खनन क्षेत्र का निरीक्षण करने और पट्टाधाक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान लीलाधर पाडे, गोपाल दत्त आदि थे।

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