March 3, 2026

एनटीपीसी और बाईपास के विरोध में सड़कों पर उतरे प्रभावित  जनआक्रोश रैली निकाल किया प्रदर्शन


देहरादून। भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ और आसपास के ग्रामीण शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने जनआक्रोश रैली निकाली और प्रदर्शन किया। उन्होंने भू-धंसाव के लिए एनटीपीसी की विद्युत परियोजना और हेलंग-मारवाड़ी बाईपास को जिम्मेदार बताते हुए इसे स्थायी तौर पर बंद करने की मांग की। उन्होंने एनटीपीसी वापस जाओ के नारे लगाए। कहा कि यदि सरकार इनको बचाने का प्रयास करती है तो आंदोलन और उग्र होगा।
शुक्रवार को भू-धंसाव से प्रभावित लोग बदरीनाथ बस स्टैंड पर एकत्रित हुए। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे मारवाड़ी चौक होते हुए संस्कृत महाविद्यालय तक जन आक्रोश रैली निकाली और प्रदर्शन किया। लोगों ने एनटीपीसी वापस जाओ, बाईपास निर्माण बंद करो, प्रभावितों को उचित मुआवजा दो… के नारे लगाए।
संस्कृत महाविद्यालय परिसर में आयोजित सभा आयोजन में जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती ने कहा कि सभी लोगों की राय है कि जोशीमठ की बरबादी के लिए एनटीपीसी की तपोवन विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना जिम्मेदार है। इसे तुरंत बंद करके कंपनी को वापस भेज देना चाहिए। साथ ही मांग की कि एनटीपीसी ने जितना खर्च किया है उसके दो गुना खर्च करके कंपनी को लोगों का पुनर्वास करना चाहिए।
27 दिनों से प्रभावित परिवारों के लोग धरना दे रहे हैं, लेकिन अभी तक पुनर्वास और मुआवजे को लेकर सरकार कोई निर्णय नहीं ले पाई है। कहा कि जोशीमठ के नीचे से बनाए जा रहे हेलंग-मरवाड़ी बाईपास को बनाने का फैसला भी वापस लिया जाना चाहिए। साथ ही कहा कि यदि सरकार एनटीपीसी और बाईपास को बचाने का प्रयास करती है तो आंदोलन उग्र होगा।
इस दौरान जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के प्रवक्ता कमल रतूड़ी, जोशीमठ ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार, व्यापार मंडल अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष चंडी प्रसाद बहुगुणा, भाकपा माले के गढ़वाल सचिव इंद्रेश मैखुरी, हरीश भंडारी, भरत सिंह कुंवर सहित सभी नौ वार्डों के साथ ही सेलंग, बडग़ांव, मेरग सहित अन्य गांवों के लोग मौजूद रहे।
जल्द करें पुनर्वास
संघर्ष समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार ने कहा कि एक साल पहले गांधी वार्ड में भू-धंसाव शुरू हो गया था। तब नगर के जो सुरक्षित क्षेत्र थे वह भी अब असुरक्षित हो गए हैं। लोगों के घर टूट गए और अब वह शिविरों में दिन गुजार रहे हैं। प्रभावितों को उचित मुआवजा देने के साथ जल्द पुनर्वास किया जाए।