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November 5, 2026

एलएसी पर चीन ने बनाए एयरफील्ड, हेलीपैड, मिसाइल बेस; सैटेलाइट इमेज से सामने आई ड्रैगन की चालाकी


नई दिल्ली । मई 2020 में जब से भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई है, तब से चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब अपनी भौगोलिक सीमा में हवाई क्षेत्रों का लगातार विस्तार कर रहा है। सैटेलाइट इमेजरी से इसका खुलासा हुआ है। इमेजरी के विश्लेषण के अनुसार, चीन ने एलएसी पर अपनी सेना के लिए व्यापक सुविधाओं का विस्तार किया है और कुछ क्षेत्रों में भारत से मुकाबला करने की तुलनात्मक क्षमता विकसित कर ली है।
सैटेलाइट इमेजरी से स्पष्ट होता है कि चीन ने एलएसी के करीब सैनिकों की तीव्र तैनाती के मकसद और युद्ध की स्थिति में लीड लेने के मकसद से वास्तविक नियंत्रण रेखा के नजदीक हवाई क्षेत्रों, हेलीपैड, रेलवे सुविधाओं, मिसाइल बेस, सडक़ों और पुलों का बड़े पैमाने पर निर्माण और विस्तार किया है। यह चीन की आक्रामक क्षमताओं के विस्तार की एक श्रृंखला सी है।
प्लैनेट लैब्स द्वारा विशेष रूप से उपलब्ध कराई गई सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण से पता चलता है कि लद्दाख के करीब होटान, हिमाचल प्रदेश के करीब न्गारी गुनसा और तिब्बत के ल्हासा में चीन ने नए एयरफील्ड के तहत या तो नए रनवे का निर्माण करके सैनिक सुविधाओं का विस्तार किया है, या फिर लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के लिए बनाए गए मजबूत आश्रयों और नए सैन्य संचालन भवनों का निर्माण किया है। भारतीय अधिकारियों ने इस विश्लेषण पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।

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