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November 7, 2026

गोल्डन बाबा पर 34 अपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्जः जून अखाड़ा

गोल्डन बाबा पर 34 अपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्जः जून अखाड़।
हरिद्वार ( आखरीआंख समाचार )  श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा से निष्कासित गोल्डन बाबा द्वारा जूना अखाड़ा के सचिव पर लगाये गये आरोपों को अखाड़ा ने पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा है कि उनके द्वारा कही गयी बातें झूठ एवं बेबुनियाद है। इस सम्बन्ध् में गोल्डन बाबा के खिलाफ दो वर्ष पूर्व से ही जांच चल रही थी। अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी, सभापति श्रीमहंत भागवत पुरी तथा प्रवक्ता श्रीमहंत विद्यानन्द सरस्वती ने सयुंक्त रूप से बताया कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के द्वारा लिये गये निर्णय के बाद समस्त अखाड़ों में चर्चित संतो, श्रीमहंतो व महामण्डलेश्वरों की जांच प्रारम्भ की गई थी। जिसके तहत गोल्डन बाबा के खिलाफ भी अखाड़े ने गुप्त जांच करानी शुरू की, इस जांच में गोल्डन बाबा उर्फ सुधीर कुमार मक्कड़ उर्फ बिटट् भगत का चैंकाने वाला अपराधिक इतिहास सामने आया। जिसके खिलाफ
पूरे देश में अपहरण, फिरौती व जबरन धन उगाही जैसे 34 मामले अलग अलग थानों में दर्ज मिले।
 वर्ष 2007 में गोल्डन बाबा ने एक अपहरण के मामले में 25 लाख रूपये की फिरौती मांगी थी। जिसका आपराधिक मुकदमा गाॅधीनगर दिल्ली के थाने में दर्ज है। श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती ने बताया कि हाल में ही प्रयागराज कुम्भ मेले में सुरक्षा के लिए मिले अपने सुरक्षाकर्मी को गोल्डन बाबा जबरन हरिद्वार ले जाने के लिए धमकाया और कहा कि अगर हमारा कहना नही मानोगो तो चोरी के मामले में तुम्हें फंसा देंगे। सुरक्षाकर्मी ने इस सम्बन्ध् में उच्च अधिकारियों को शिकायत की तथा अखाड़े के पदाधिकारियों को भी इस संदर्भ में सूचित किया। जूना अखाड़े की कार्यकारिणी की बैठक में गोल्डन बाबा के आपराधिक इतिहास व कुम्भ मेले के दौरान सुरक्षाकर्मी से की गई अभ्रदता को देखते हुए उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कारवाई करने का निर्णय लिया गया और सर्वसम्मति से उन्हें अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया। इस कारवाई से बौखलाकर गोल्डन बाबा अखाड़े के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर अनर्गल व बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। अखाड़े द्वारा उनके विरूद्व कानूनी कार्यवाही किये जाने की भी तैयारी की जा रही है। बैठक में पूर्व सभापति श्रीमहंत सोहन गिरी, सचिव श्रीमहंत परशुराम गिरी, सचिव श्रीमहंत देवानंद सरस्वती, उपाध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरी और सभापति श्रीमहंत भागवतपुरी, राष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी सहित सभी मठियों के इक्यावन कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।

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