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October 25, 2026

बागेश्वर में चरस तस्कर को 10साल का सश्रम करावास


बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे ने चरस तस्करी के एक आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए दस साल का सश्रम करावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। घटनाक्रम के अनुसार 29 अगस्त 2021 को कोतवाली में तैनात एसआई पंकज जोशी पुलिस दलबल के साथ त्यूनरा गधेरे के पास चेकिंग पर थे। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि एक व्यक्ति बिलौना सेआगे गड़िया गांव से आगे पुलिया पर खड़ा है। उसने लाल रंग की स्वेटर पहनी है। उसके पीठ पर नीले रंग का पिटठू लगा है। उसमें चरस है। वह वहां गाड़ी का इंतजार कर रहा है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गड़िया गांव पुल से करीब 50 मीटर आगे ताकुला की तरफ सड़क पर पकड़ लिया। उसने अपना नाम महेश चंद्र पुत्र गोठी राम निवासी सूपी कपकोट बताया। साथ ही पिट्ठू में चरस होने की बात भी स्वीकारी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो बैगग में एक किलो, 482 ग्राम चरस मिली। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी जिला शासकीय अध्विवक्ता गोविंद बल्लभ उपाध्याय व सहायक जिला शासकी अधिवक्ता चंचल पपोला ने पैरवी की। मामले में 11 गवाह पेश कराए। गवाहों को सुनने तथा पत्रावलियों को अवलोकन करने के बाद विशेश सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषसिद्ध पास और उसे दस साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

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