बागेश्वर । जनपद अंतर्गत कतिपय स्थानीय काश्तकारों के द्वारा फसलों की पराली खेतों की सफाई से उत्पन्न मलवा, ढेर (ऑडा), झांड-झंकार आदि को अपने खेतों में आग लगाकर नष्ट किए जाने एवं कतिपय व्यक्तियों व शरारती तत्वों द्वारा विभिन्न मार्गो पैदल रास्तों में धूम्रपान सामग्री व अन्य ज्वलनशील सामग्री का अनुचित निस्तारण करने एवं लापरवाही पूर्वक मार्गो, वन क्षेत्रों में फेंके जाने के दौरान तेज हवा आदि कारणों से निकटवर्ती क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाएँ घटित हो रही है। जिससे जनपद के विभिन्न वन क्षेत्रों में जन-धन, वन्य जीवों, वन सम्पदा एंव पशुचारा को क्षति पहुँचने के साथ ही पर्यावरण प्रदूषित होने से आम जन मानस को स्वास्थ्य संबंधी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके दृष्टिगत जनपद स्तर के समस्त ग्राम सभाओं, वन पंचायत सरपंचों को वनाग्नि काल समाप्त होने तक अलाव, आड़ा,पराली न जलाये जाने एवं सार्वजनिक मार्गो,वन क्षेत्रान्तर्गत धूम्रपान सामग्री व अन्य ज्वलनशील सामग्री के अनुचित निस्तारण को प्रतिबन्धित किया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट अनुराधा पाल ने जनपद अन्तर्गत वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए पूर्व में प्रभावी धारा-144 को प्रभावित किए बिना दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के प्राविधानों के तहत निषेधाज्ञा जारी की गयी है।
उन्होंने बताया कि जनपद अन्तर्गत फसलों की पराली, आड झाड़-झंकार आदि को खेतों में आग लगाकर नष्ट किए जाने एवं विभिन्न मार्गो, पैदल रास्तों, वन क्षेत्रान्तर्गत धूम्रपान व अन्य ज्वलनशील सामग्री का अनुचित निस्तारण प्रक्रिया को पूर्णत: प्रतिबन्धित किया गया है। जनपद के समस्त वन क्षेत्रों (आरक्षित/सिविल) में किसी भी व्यक्ति (वन विभाग को छोड़कर) द्वारा किसी भी प्रयोजन हेतु आग जलाने व लगाने की कार्यवाही पूर्णत: निषिद्ध रहेगी। इस संबंध में राजस्व विभाग, वन विभाग, पुलिस विभाग के स्तर से सतर्क निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। यदि कोई भी व्यक्ति, संस्था, विभाग खुले में आगजनी करते हुए पाया जाता है अथवा किसी भी व्यक्ति, संस्था, विभाग की लापरवाही एवं असुरक्षा के कारण कोई आगजनी होती है अथवा फैलती है, तो प्रकरणों पर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध संगत अधिनियमों की धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। यह आदेश जनपद की सीमान्तर्गत आगामी एक सप्ताह तक प्रभावी रहेगा। यदि किसी व्यक्ति द्वारा इस आदेश का उल्लंघन किया जाता है तो उसका यह कृत्य भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। उल्लेखनीय है कि जनपद में लोकसभा सामान्य निर्वाचन के दृष्टिगत पूर्व से ही धारा 144 प्रभावी है।