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October 25, 2026

कांग्रेस से हाथ मिलाने को तैयार हैं दुष्यंत चौटाला, हरियाणा में भाजपा की मुश्किल बढ़ेगी?


हरियाणा । हरियाणा में विधानसभा के लिए 1 महीने बाद होने वाले चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने तैयारी तेज कर दी है. इस बीच जननायक जनता पार्टी नेता और हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने साफ कर दिया है कि वो भारतीय जनता पार्टी के साथ नहीं जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने इंडिया गठबंधन में शामिल होने को लेकर भी खुलकर बात की है. न्यूज़ एजेंसी एनआई से बात करते हुए कहा कि पिछली बार भी हम किंग मेकर थे और हमारी चाबी ने विधानसभा का ताला खोला था. आने वाले दिनों में भी जेजेपी प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पार्टी होगी.
बीजेपी के साथ नहीं तो क्या इंडिया गठबंधन में जाएगी जेजेपी?
एनडीए से अलग होने पर दुष्यंत चौटाला ने कहा, पहलवानों के आंदोलन और किसान आंदोलन हुए. मैंने अपना स्टैंड कभी एनडीए से अलग नहीं किया. लेकिन, अगर एनडीए में सम्मान नहीं मिला तो आने वाले समय में कौन विश्वास दिलाएगा. छोटे से एक स्वार्थ के लिए वर्षों के याराने गए, अच्छा हुए ए दोस्त कुछ नकली चेहरे पहचाने गए.
दुष्यंत चौटाला ने अपने पुराने बयान, दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं पर कहा, मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि मैं दोबारा भाजपा के साथ नहीं जाऊंगा. क्या इंडिया गठबंधन के साथ जाएंगे, इस सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा, देखते हैं. अगर हमारे पास संख्या हुई और हां, अगर हमारी पार्टी को प्राथमिकता से लिया जाता है तो क्यों नहीं. जरूर साथ जाएंगे.
क्या हरियाणा के लोग दोबारा देंगे जेजेपी का साथ?
2019 के विधानसभा चुनाव में 10 सीटे जीतने वाली जेजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव में खाता भी नहीं खोल पाई. तो क्या हरियाणा के लोग दोबारा जेजेपी और दुष्यंत चौटाला का साथ देंगे, इस सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा, जो होना था हो गया. जो गुस्सा था वो निकल गया. एक हरियाणवी में कहावत है कि अपने को मारे तो छाया में गेरे, यानी अपना जो होता है उसको मार के भी छाया में रखकर आते हैं ताकि उसको धूप न लगे. उन्होंने आगे कहा, अगर मेरी कोई गलती है और मैं माफी मांग रहा हूं तो क्या हरियाणा के दो करोड़ वोटर हमेशा अपने मन ये एक बात को रखे रहेंगे. लोग मजबूती से हमें गले लगाएंगे.

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