बागेश्वर से ब्रह्मकमल लेने 18 डंगरियों का दल हिमालय नंदाकुंड को रवाना
बागेश्वर । मां नंदा भगवती मंदिर लीती में तीन साल बाद आयोजित होने वाले आठों मेले की शुरूआत शुक्रवार से हो गई है। मंदिर के धामी, दो अन्य धामी के साथ 18 डंगरियों का दल नंदाकुंड के लिए रवाना हो गया है। वहां दल ब्रह्मकमल लेकर 10 को वापस पहुंचेंगे। 11 सितंबर से दो दिन का आठों मेले का आयेाजन होगा। भगवत कोरंगा ने बताया कि तीन दिन बाद यात्रा दुर्गम पहाड़ियों और बुग्यालों से होकर नंदा कुंड पहुंचेगी। कुंड की पूजा अर्चना के बाद आस पास लगे व्रहमकमल लेकर श्रद्धालुजन वापस आएंगे। 10 सितंबर को सभी लोग लीती स्थित लाटू पौड़ पहुंचेंगे। जहां उनका भव्य स्वागत होगा। दिन दो बजे से सभी ब्रहमकमलों को रिंगाल के डंडों में बांधकर हज़ारों भक्तजन रिंगाल हाथ में पकड़कर मां भगवती मंदिर लीती तक भव्य यात्रा का स्वरूप लेकर पहुंचेगी।11 सितंबर को हज़ारो लोग मेले में आएंगे और 12 सितंबर को मेले का समापन होगा। इस दौरान दानपुर की संस्कृति देखने को मिलेगी।
