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October 13, 2026

पेंशन धारक केन्द्र सरकार के विरोध में अनशन पर बैठे 

देहरादून ( आखरीआंख समाचार )  सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मचारी कल्याण समिति ने अपनी मांगों को लेकर ईपीएस-95 सेवा निवृत्त कर्मचारी समन्वय एवं लोक कल्याण संस्था राष्ट्रीय संगठन के आहवान पर सभी ईपीएस-95 पेंशन धारकों ने अपनी मांगों के समाधान के लिए धरना स्थल परेड ग्राउंड पर धरने पर बैठे। बुद्ववार को आयोजित धरने में अध्यक्ष सुरेश डंगवाल ने कहा कि हमारा यह धरना तीन दिवसीय है और हमने सरकार से चार सूत्रीय मांगें रखी है। जिनमें मुख्य मांग मिनिमम पेंशन 7500$डीए दिया जाना है केन्द्र सरकार द्वारा 2014 में कोश्यारी आयोग का गठन ईपीएस-95 की मागों पर गठन किया गया जिसके अध्यक्ष माननीय कोश्यारी द्वारा अपनी रिपोर्ट प्रेषित की गई। किंतु वर्तमान सरकार द्वारा पूरे देश के लगभग 60 लाख सेवा निवृत कर्मचारियों की अनदेखी कर इस रिपोर्ट को भी लागू नहीं किया गया। गत चार वर्षो से हम सभी सेवानिवृत कर्मचारी आंदोलनरत है उन्होने कहा कि सर्तमान में केंन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा अनेक संवर्गो जैसे स्वतन्त्रता सेनानी, वृद्वावस्था, विधवा पेंशन पर अपने संसाधनों से 1000रु से 1500रु तक पेशन दे रही है किन्तु हम सभी ईपीएस पेंशन धारकों से 30 वर्ष से 40 वर्ष तक सेवा में वेतन से प्रतिमाह पेशन हेतु  12 प्रतिशत कटोती के उपरान्त भी 500रु से 2000रु तक पेशन दी जा रही है जिसमें पूर्व अवधि की कटौती के हिसाब से भी प्रति सेवानिवृत्त को 12000रु पेशन दी जा सकती है जिसके विरोध में हम सभी पेशन धारक केन्द्र सरकार के विरोध में अनशन पर बैठे हैं। अध्यक्ष सुरेश डंगवाल ने कहा कि हमारी चार मुख्य मांगें ये है मिनिमम पेशन 7500$डीए, बिना पेंशन वाले कर्मचारियों को 500रु, फ्री मेडिकल सेवा, कोश्यारी आयोग रिपोर्ट लागू की जाये आदि। इस अवसर पर अध्यक्ष सुरेश डंगवाल, सचिव सुरेश शाह, कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा, रजत कुमार, राधेश्याम, कैलाश पन्त, नरेश गुप्ता, ललित गौड आदि उपस्थित थे।
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