May 8, 2026

कई यादें जुड़ी हैं ओम प्रकाश चौटाली की हरियाणा की राजनिति से


पंचकुला । हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का निधन हो गया है। उन्होंने 89 साल की उम्र में हरियाणा के गुरुग्राम स्थिति अपने आवास पर में आखिरी सांस ली।  चौधरी देवीलाल ने अपनी विरासत बेटे ओपी चौटाला को ही सौंपी थी. हालांकि, एक बार देवीलाल ने ओमप्रकाश चौटाला को घर से भी निकाल दिया था। इसी तरह की कई यादें उनकी राजनिति के साथ हमेशा जुड़ी रहेंगी।
 यह साल 1978 की बात है।तब चौधरी देवीलाल हरियाणा के मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तब ओमप्रकाश चौटाला बैंकॉक में साउथ-ईस्ट एशिया का एक सम्मेलन अटेंड करने गए हुए थे। वे 22 अक्टूबर को भारत लौटे, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने उनके बैग से 4 दर्जन घड़ियां और 2 दर्जन महंगे पेन बरामद किए। इसके बाद सूबे में खबर फैल गई कि देवीलाल का बेटा ओमप्रकाश तस्करी में पकड़ा गया। तब चौधरी देवीलाल चंडीगढ़ पीजीआई  में अपना इलाज ले रहे। यहीं पर उन्हें जानकारी मिली कि बेटा तस्करी के मामले में पकड़ा गया।देवीलाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सख्त लहजे में कहा-बेटे ओमप्रकाश के लिए मेरे घर के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके है।
हालांकि, तत्कालीन वित्त मंत्री संपत सिंह ने बताया- ओमप्रकाश चौटाला घड़ियों की स्मगलिंग नहीं कर रहे थे । वे सीएम के बेटे हैं, उन्हें विदेशी दौरे पर गिफ्ट में घड़ियां मिली थीं। वे उन्हें ही बैग में भरकर भारत लाए थे। इसके बाद मामले की जांच हुई, ओपी चौटाला निर्दोष पाए गए। फिर बाद देवीलाल ने भी अपने बेटे ओपी चौटाला को माफ कर दिया।
इसी तरह का एक और किस्‍सा है जब  हरियाणा में विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारियों में जब सभी पार्टियां लगी हुई थी इस दौरान नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। नेताओं का एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने का ये सिलसिला कोई नया नहीं है, एक बार ऐसे ही 14 मार्च, 1995 में सदन में बजट पर हो रहे सामान्य चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल और ओमप्रकाश चौटाला के बीच टकराव इतना बढ़ गया था कि बंसीलाल ने कहा था कि कमीशन तो आप खाते हैं, मैं तो रोटी खाता हूं।

सदन में सूबे के बजट पर सामान्य चर्चाओं का दौर चल रहा था। एसवाईएल निर्माण के मुद्दे पर पूर्व सीएम बंसीलाल और ओमप्रकाश चौटाला में टकराव हुआ। इसके बाद बिजली क्षमता बढ़ाने के मुद्दे पर सीएम भजन लाल और चौटाला ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति बार-बार टकराव तक पहुंचती हुई दिखाई दी। बंसीलाल ने भजनलाल सरकार सहित चौटाला शासन में हुए कार्यों को चिह्नित करते हुए घेरने का काम किया। चौटाला ने पलटवार करते हुए कहा कि इन्होंने एसवाईएल को इसीलिए ही बनाया था कि कमीशन मिलेगा। क्योंकि, काम तो हैड से शुरू किया जाता है। फिर भी इन्होंने टेल से काम शुरू किया।
यह अकेला ऐसा विषय नहीं रहा। चौटाला बोले-पंजाब बिजली बोर्ड से रिजेक्ट किए हुए पोल हरियाणा में लिए गए, क्योंकि उसमें भी कमीशन मिला था, उसी प्रकार कमीशन खाने के लिए ही इन्होंने नहर वाले मामले में उलटी गंगा बहा दी।
सदन में कमीशन खाए जाने जैसा आरोप लगने पर बंसीलाल ने कहा-कमीशन मैं नहीं खाता, मैं तो दो रोटी खाता हूं। कमीशन खाने का काम तो चौटाला साहब का है, मेरा नहीं, ऐसा काम यह करते हैं। दूसरा, हरियाणा में अगर एसवाईएल नहीं बनती तो पंजाब से अपने हिस्से का पानी कैसे मांगते?
  सीएम ने इसे गलत बयानबाजी करने की बात करते हुए पूछा कि क्या सरकार ऐसा काम करेगी, क्या हमारी सरकार किसी ब्लैक लिस्टेड कंपनी के साथ बात करेगी? सच तो यह है कि दुनिया की जो पांच बड़ी कंपनियां हैं, यह कंपनी उनमें से एक है। चौटाला बोले थे कि हम अपने अधिकारों से हाउस में आए हैं, किसी के रहमो कर्म पर नहीं हैं। आमने-सामने की बनी स्थिति पर जब भजनलाल ने आगे चुनाव के लिए चुनौती दी, तो चौटाला ने कहा-आगे चल कर क्यों, तुम अभी आओ। मैं भी रिजाइन देता हूं और तुम भी रिजाइन दो और दोनों हलको में चुनाव करवा कर देख लो। अगर आप कुछ बोलते हैं, तो सुनने की भी हिम्मत रखें। कहा कि इजरायल की जिस कंपनी के बारे में बात कर रहा हूं, उसे लेकर इस हाउस को गुमराह किया जा रहा है।

You may have missed